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बांग्लादेश इतिहास के सबसे भयावह दौर से गुजर रहा है: शेख हसीना का सनसनीखेज बयान, यूनुस पर लगाए गंभीर आरोप

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने देश की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को लेकर बेहद तीखा और भावनात्मक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपने इतिहास के सबसे खराब, हिंसक और रक्तरंजित अध्यायों में से एक से गुजर रहा है। अपने संदेश की शुरुआत उन्होंने “बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम” से करते हुए देशवासियों को सीधे संबोधित किया।

शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश आज एक गहरी खाई के कगार पर खड़ा है। उन्होंने दावा किया कि जो देश राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में मुक्ति संग्राम के बाद स्वतंत्र हुआ था, वह अब उग्रवादी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी साजिशकर्ताओं के हमलों से तबाह हो चुका है। हसीना के अनुसार, कभी शांत और उपजाऊ रही बांग्लादेश की धरती अब खून से सना हुआ परिदृश्य बन चुकी है और पूरा देश एक “विशाल जेल, नरसंहार का मैदान और मौत की घाटी” में बदल गया है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यूनुस को “खूनी फासीवादी” बताते हुए कहा कि वह एक सूदखोर, मनी लॉन्ड्रर, भ्रष्ट और सत्ता-लोलुप गद्दार है। शेख हसीना ने आरोप लगाया कि 5 अगस्त 2024 को एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उन्हें जनता द्वारा चुनी गई प्रधानमंत्री होने के बावजूद सत्ता से जबरन हटा दिया गया। उनके मुताबिक, उसी दिन से बांग्लादेश आतंक, दमन और अराजकता के युग में प्रवेश कर गया।

शेख हसीना ने कहा कि देश में मानवाधिकारों को पूरी तरह कुचल दिया गया है। प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त हो चुकी है और महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ हिंसा, यातना और यौन उत्पीड़न बेकाबू हो गया है। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों का लगातार उत्पीड़न हो रहा है और लोगों की जान-माल की कोई सुरक्षा नहीं बची है। राजधानी से लेकर दूरदराज के गांवों तक भीड़तंत्र, लूटपाट, डकैती और वसूली का माहौल है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। शिक्षा संस्थान अराजकता की गिरफ्त में हैं और न्याय अब आम लोगों के लिए एक दुःस्वप्न बन गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश की जमीन और संसाधनों को विदेशी हितों के हाथों बेचने की साजिश रची जा रही है।

शेख हसीना ने बताया कि आवामी लीग देश को एकजुट करने और संकट से बाहर निकालने के लिए पांच अहम मांगें रखती है। इनमें यूनुस प्रशासन को हटाकर लोकतंत्र की बहाली, सड़कों पर हो रही हिंसा को तत्काल रोकना, धार्मिक अल्पसंख्यकों व महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी, पत्रकारों व विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई समाप्त करना और पिछले एक वर्ष की घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र को आमंत्रित करना शामिल है।

शेख हसीना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बांग्लादेश के लोकतंत्र समर्थक लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर संविधान, संप्रभुता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करें।

अपने संदेश के अंत में शेख हसीना ने नारा देते हुए कहा—
“जॉय बांग्ला, जॉय बंगबंधु।”

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