सिंगापुर, 13 जनवरी 2026 —
सिंगापुर में एक दुर्लभ हिमालयी गिद्ध को एनिमल वेलफेयर ग्रुप ACRES (Animals Concerns Research and Education Society) ने समय रहते बचा लिया है। यह विशाल प्रवासी पक्षी सिंगापुर के एक हाईवे पर डिहाइड्रेशन और अत्यधिक थकावट की हालत में भटकता मिला था।
ACRES के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कलाई वनन बालकृष्णन के मुताबिक, यह गिद्ध 11 जनवरी को एक आम नागरिक की सूचना पर रेस्क्यू किया गया। तीन सदस्यीय टीम ने उसे हाईवे से हटाकर पास की एक नहर से सुरक्षित बाहर निकाला। शुरुआती जांच में गिद्ध में तेज डिहाइड्रेशन, कमजोरी और लंबी उड़ान से हुई थकावट के लक्षण पाए गए हैं।
फिलहाल यह हिमालयी गिद्ध ACRES की वेटनरी टीम की निगरानी में है। टीम का कहना है कि गिद्ध को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा।
हिमालयी गिद्ध आमतौर पर हिमालय के ऊंचे इलाकों में पाए जाते हैं, दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रवास के दौरान ये अधिकतर थाईलैंड और म्यांमार तक ही सीमित रहते हैं। इसलिए सिंगापुर में इनका दिखना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
इनकी पहचान होती है:
लंबे और चौड़े पंख, भूरे रंग का शरीर, कंधों पर सफेद धारियां, पंखों का फैलाव लगभग 2.5 से 3 मीटर, वजन 12 किलो तक
बर्ड सोसाइटी ऑफ सिंगापुर के अनुसार,
- हिमालयी गिद्ध को सिंगापुर में आखिरी बार फरवरी 2025 में देखा गया था।
- सबसे पुराना रिकॉर्ड दिसंबर 1989 का है, जब तुआस इलाके में 4 गिद्ध देखे गए थे।
हाल ही में 4 और 5 जनवरी को भी सिंगापुर में हिमालयी गिद्धों का एक छोटा झुंड नजर आया था।
हाल के वर्षों में सिंगापुर में ऊदबिलाव, जंगली सूअर और हिरण जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ी है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और एनिमल वेलफेयर संगठन लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि
वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत सूचना दें।
हिमालयी गिद्ध का यह सफल रेस्क्यू एक बार फिर साबित करता है कि समय पर मदद से दुर्लभ प्रजातियों को भी सुरक्षित बचाया जा सकता है।
