देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय विद्यालयों में आवश्यकतानुसार नये विषय खोले जायेंगे। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के प्रस्ताव महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को विद्यालयों के उच्चीकरण, कलस्टर विद्यालयों की स्थापना, डी व सी श्रेणी के स्कूलों से संबंधित प्रास्ताव भी इस माह तक शासन को भेजने को कहा गया है। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या में गिरावट को देखते हुये विभागीय स्तर पर जांच समिति गठित करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये है। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को शिक्षा विभाग की बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेभर के विद्यालयों में नये विषयों की मांग को ध्यान में रखते हुये महानिदेशालय को शीघ्र प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अभिभावक संघों द्वारा समय-समय पर नये विषय खोले जाने की मांग की जाती रही है।
बैठक में उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-दो विद्यालयों के उच्चीकरण एवं राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव भी भेजने को कहा है। इसके अलावा प्रत्येक विकासखण्ड में प्रस्तावित कलस्टर विद्यालय, जीर्ण-शीर्ण स्कूलों सहित डी व सी श्रेणी के विद्यालयों के निर्माण के प्रस्ताव भी इसी माह तक शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिये जिन जनपदों से प्रस्ताव समय पर प्राप्त नहीं होंगे ऐसे जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके अलावा डॉ. रावत ने अधिकारियों को सभी विद्यालयों में पेयजल, विद्युत, फर्नीचर, कप्यूटर और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश सुनिश्चित करने, किताबों, स्कूल ड्रेस और मनमानी फीस वृद्धि को लेकर विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नम्बर पर दर्ज शिकायत का शीघ्र निस्तारण करने को भी अधिकारियों को कहा।