मध्य-पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच Iran और United States के बीच आखिरकार 2 हफ्ते के युद्ध विराम (सीजफायर) का ऐलान हुआ है। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने की। इस संघर्ष में Israel भी अहम भूमिका में रहा। आइए पूरे घटनाक्रम को समझते हैं:
28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए।
शुरुआती 12 घंटों में करीब 900 हमले
मिसाइल साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और परमाणु ठिकाने निशाना बने
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei समेत कई बड़े सैन्य अधिकारियों के मारे जाने का दावा
इस हमले के बाद Iran ने जोरदार जवाब दिया:
इज़रायल और अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइल और हजारों ड्रोन दागे
Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बाधित
वैश्विक तेल सप्लाई पर असर, कीमतों में उछाल
मार्च तक यह संघर्ष पूरे मिडिल-ईस्ट में फैल गया:
अमेरिकी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर हमले
हजारों लोगों की मौत और लाखों विस्थापित
क्षेत्र में मानवीय संकट गहराया
दोनों पक्षों को भारी नुकसान झेलना पड़ा:
अमेरिका के कई फाइटर जेट और ड्रोन नष्ट
ईरान के ऊर्जा संयंत्र, सैन्य ठिकाने और रिहायशी इलाके तबाह
ऐतिहासिक इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान
Donald Trump लगातार बयान देते रहे:
कभी युद्ध जल्द खत्म होने का दावा
कभी बड़े हमले की धमकी
“सभ्यता मिटाने” जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल
इन बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी आलोचना भी हुई।
पूरे युद्ध के दौरान Strait of Hormuz बंद रहा:
वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति प्रभावित
अमेरिका इसे खुलवाने में असफल रहा
आखिरकार 8 अप्रैल को Donald Trump ने 2 हफ्ते के युद्ध विराम की घोषणा की:
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir की मध्यस्थता का जिक्र
ईरान के प्रस्ताव पर शुरुआती सहमति
दोनों देशों ने इसे अपनी-अपनी “जीत” बताया
Iran और United States के बीच यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक असर वाला रहा। 2 हफ्ते का यह सीजफायर शांति की दिशा में एक कदम जरूर है, लेकिन स्थायी समाधान अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।
