वैज्ञानिकों के बीच लंबे समय से चर्चा में रहा 30 करोड़ साल पुराना जीव Pohlsepia mazonensis अब ‘दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस’ नहीं रहा। नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि यह जीव वास्तव में Nautilus का रिश्तेदार था, न कि ऑक्टोपस।
यह जीवाश्म पहले Guinness World Records में सबसे पुराने ऑक्टोपस के रूप में दर्ज था, लेकिन अब इस खोज के बाद इसका नाम रिकॉर्ड से हटाया जाएगा।
इस शोध का नेतृत्व University of Reading के जूलॉजिस्ट Thomas Clements ने किया। उन्होंने बताया कि यह फॉसिल लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना हुआ था।
वैज्ञानिकों ने इसकी जांच के लिए ‘सिंक्रोट्रॉन’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे जीवाश्म के अंदर की संरचना को बेहद बारीकी से देखा जा सकता है।
जांच में वैज्ञानिकों को ‘रैड्युला’ (दांतों की पंक्ति) मिली।
हर पंक्ति में 11 दांत पाए गए
जबकि ऑक्टोपस में आमतौर पर 7 या 9 दांत होते हैं
इस अंतर ने साफ कर दिया कि यह जीव ऑक्टोपस नहीं हो सकता। इसके दांतों की संरचना एक अन्य नौटिलस जीवाश्म Paleocadmus pohl से भी मेल खाती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि सड़ने की प्रक्रिया के दौरान इस जीव ने अपना खोल खो दिया था, जिससे यह ऑक्टोपस जैसा दिखने लगा और पहचान में भ्रम पैदा हुआ।
यह जीव इंसान के हाथ के आकार का था और इसे अमेरिका के इलिनॉयस राज्य के माजोन क्रीक क्षेत्र से खोजा गया था, जो प्राचीन जीवाश्मों के लिए प्रसिद्ध है।
यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल Proceedings of the Royal Society B में प्रकाशित हुई है। इसके बाद Guinness World Records ने पुष्टि की है कि ‘सबसे पुराने ऑक्टोपस’ का रिकॉर्ड हटाया जाएगा।
यह खोज न केवल एक गलतफहमी को दूर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि विज्ञान में नई तकनीकें पुराने निष्कर्षों को बदल सकती हैं। अब यह जीव ‘सबसे पुराना सॉफ्ट-टिश्यू नौटिलस’ के रूप में वैज्ञानिकों के लिए और भी महत्वपूर्ण बन गया है।
