देहरादून। मार्च के अंतिम सप्ताह और अप्रैल के पहले सप्ताह के दौरान मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस दौरान एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पहला पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से पहाड़ी राज्यों खासकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम बदलेगा। यहां निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है।
वहीं दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में 26 मार्च की दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इस दौरान तेज हवाओं (20–40 किमी प्रति घंटा), गरज-चमक और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आईएमडी के अनुसार, अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। 29 मार्च तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पूर्व भारत में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं। हालांकि बारिश की तीव्रता सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
