देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited (पिटकुल) के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पिटकुल ने प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पारेषण लाइनों का निर्माण कर विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि पिटकुल के तत्वावधान में बीते चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण पारेषण लाइनें पूरी की गई हैं। इनमें 132 किलोवोल्ट की पदार्था–चीला पारेषण लाइन, 220 किलोवोल्ट की जाफरपुर–टीएसएस रुद्रपुर रेलवे पारेषण लाइन, 132 किलोवोल्ट की लक्सर–कैवेन्डिश लाइन, 132 किलोवोल्ट की डबल सर्किट काशीपुर–बाजपुर द्वितीय सर्किट लाइन, 220 किलोवोल्ट की बरम–जौलजीवी पारेषण लाइन और 132 किलोवोल्ट की बिंदाल–पुरूकुल लाइन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में भी पिटकुल के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इनमें 220 किलोवोल्ट जीआईएस उपसंस्थान सेलाकुई (देहरादून), सेलाकुई उपसंस्थान पर 220 किलोवोल्ट खोदरी–झाझरा लिलो लाइन, 132 किलोवोल्ट जीआईएस उपसंस्थान आराघर, आराघर उपसंस्थान पर 132 किलोवोल्ट माजरा–लालतप्पड़ लिलो लाइन, 132 किलोवोल्ट जीआईएस उपसंस्थान धौलाखेड़ा, धौलाखेड़ा उपसंस्थान पर 132 किलोवोल्ट काठगोदाम–रुद्रपुर लिलो लाइन, 132 किलोवोल्ट उपसंस्थान खटीमा और खटीमा उपसंस्थान पर 132 किलोवोल्ट खटीमा–सितारगंज लिलो लाइन जैसी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की विद्युत पारेषण क्षमता मजबूत होगी और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ इलाकों में भी बिजली आपूर्ति बेहतर हो सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में कुल 1609.43 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को और मजबूत बनाना तथा भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए पारेषण नेटवर्क का विस्तार करना है।
