‘पापा कहते हैं’ की भूरी आंखों वाली अभिनेत्री मयूरी कांगो आज फिर चर्चा में हैं। कभी फिल्मों के लिए कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने वाली मयूरी अब बॉलीवुड की चमक-दमक से दूर अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट नेतृत्व में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।
मयूरी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। उनकी मां एक प्रसिद्ध थिएटर आर्टिस्ट थीं, जिनके माध्यम से उनकी मुलाकात निर्देशक सईद अख्तर मिर्जा से हुई। सईद अख्तर मिर्जा ने उन्हें अपनी फिल्म नसीम में अभिनय का अवसर दिया। 12वीं की परीक्षाओं के कारण पहले उन्होंने मना किया, लेकिन बाद में यह फिल्म की। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और पटकथा का पुरस्कार जीता और मयूरी के अभिनय की भी खूब सराहना हुई।
‘नसीम’ में उनके अभिनय से प्रभावित होकर निर्देशक महेश भट्ट ने उन्हें अपनी फिल्म पापा कहते हैं में लीड रोल दिया। इसके बाद मयूरी ‘होगी प्यार की जीत’, ‘बेताबी’, ‘वंशी’ और ‘बादल’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। साथ ही ‘क्या हादसा क्या हकीकत’, ‘कुसुम’, ‘रंगोली’ और ‘करिश्मा’ जैसे टीवी शोज में भी उन्होंने काम किया।
जब मयूरी का करियर ऊंचाई पर था, तब उन्होंने 2003 में एनआरआई आदित्य ढिल्लों से शादी कर अमेरिका में बसने का निर्णय लिया। वहां उन्होंने पढ़ाई दोबारा शुरू की और न्यूयॉर्क के बरूच कॉलेज से 2007 में मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए किया।
इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में कदम रखा और 36Oi तथा न्यूयॉर्क रिजॉल्यूशन मीडिया जैसी कंपनियों में कार्य किया। 2012 में भारत लौटकर वह जेनिथ में चीफ डिजिटल ऑफिसर बनीं और फिर पब्लिसिस ग्रुप की परफॉर्मिक्स में मैनेजिंग डायरेक्टर रहीं।
अगस्त 2019 में मयूरी ने Google India में इंडस्ट्री हेड–एजेंसी पार्टनरशिप्स के पद पर कार्यभार संभाला। 2024 में उन्हें एआई और मीडिया सॉल्यूशंस की इंडस्ट्री हेड की जिम्मेदारी दी गई।
2025 में उन्होंने एक और बड़ी छलांग लगाते हुए Publicis Groupe की पब्लिसिस ग्लोबल डिलीवरी की सीईओ के रूप में वैश्विक नेतृत्व टीम में शामिल होकर सबको चौंका दिया। अपनी नई भूमिका में वह डिजिटल सेवाओं को वैश्विक स्तर पर नई दिशा देंगी।
मयूरी कांगो का सफर यह साबित करता है कि जुनून और मेहनत के दम पर व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है। फिल्मों से लेकर कॉर्पोरेट की ऊंचाइयों तक का उनका यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
