केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर गृह मंत्रालय के जरिये नई गाइडलाइन जारी की है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के सम्मान और प्रस्तुति के लिए स्पष्ट और एकरूप प्रोटोकॉल तय करना है। इसके तहत अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों का पूरा संस्करण अनिवार्य रूप से बजाया या गाया जाएगा।
🔹 पूरा गीत और अवधि:
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार अब ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसकी कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है।
🔹 राष्ट्रगान से पहले:
यदि किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ दोनों को प्रस्तुत किया जाता है, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रीय गान बजाया जाएगा — यह क्रम अब औपचारिक रूप से निर्धारित किया गया है।
🔹 सम्मान और शिष्टाचार:
गृह मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि ‘वंदे मातरम्’ के गायन या वादन के समय उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक खड़े होना चाहिए, ठीक उसी प्रकार जैसे राष्ट्रीय गान के समय खड़े होते हैं।
🔹 कहां-कहां लागू:
उच्च अधिकारी कार्यक्रम, तिरंगा फहराना, राष्ट्रपति तथा राज्यपाल के आगमन और भाषण, शैक्षणिक संस्थानों के कार्यक्रमों और अन्य आधिकारिक आयोजनों सहित कई अवसरों पर यह नया प्रोटोकॉल लागू होगा।
यह निर्देश कानूनी दंडात्मक कानून नहीं है, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों और आयोजनों में पालन किए जाने वाले प्रशासनिक प्रोटोकॉल के रूप में लागू होगा।

