नई दिल्ली, 9 जनवरी 2026:
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब (नौकरी के बदले जमीन) घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय (charges framed) कर दिए हैं। यह मामला भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग से जुड़ा है।
🔍 कोर्ट का निर्णय
- कोर्ट ने कुल 98 आरोपियों में से 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
- 52 आरोपियों को बरी कर दिया गया है, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए।
- पांच आरोपी पहले ही मृत्यु के कारण मुकदमा चलने से अलग हो चुके हैं।
👨👩👧👦 किन पर आरोप तय हुए?
कोर्ट ने आरोप तय किए हैं निम्नलिखित प्रमुख लोगों पर:
➡️ लालू प्रसाद यादव – RJD प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री
➡️ राबड़ी देवी – उनकी पत्नी
➡️ तेजस्वी यादव – उनके बेटे
➡️ तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव – उनके अन्य परिवार सदस्य
ये सभी आरोप के तहत भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और सरकारी पद का दुरुपयोग जैसे गंभीर इल्ज़ामों का सामना करेंगे।
इस घोटाले का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, उन्होंने रेलवे में ‘ग्रुप-डी’ के पदों पर नियुक्तियाँ करने के बदले किसी-किसी उम्मीदवार से जमीनें स्वीकार कीं। बताया जाता है कि ये जमीनें न्यूनतम बाजार मूल्य से कम दरों पर अर्जित की गईं, जो नियमों के खिलाफ है।
अब यह मामला अदालत में पूरी सुनवाई के लिए आगे बढ़ेगा। सीबीआई और अदालत दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और सबूत पेश करेंगे। यदि अदालत आरोप सिद्ध होने पर दोषी पाए तो सजा के प्रावधान लागू होंगे।
📊 संक्षेप में
✔️ दिल्ली कोर्ट ने लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर आरोप तय कर दिए।
✔️ 41 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलेगा, जबकि 52 आरोपियों को बरी किया गया।
✔️ यह मामला भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग से जुड़ा है।
📌 यह मामला भारतीय राजनीति और न्याय प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा परीक्षण साबित हो सकता है।
