देहरादून। यमुना नदी पर प्रस्तावित लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह परियोजना भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार दोनों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित संस्थानों के साथ नियमित समन्वय बनाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों से अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि सभी प्रकार की ड्रॉइंग्स को केन्द्रीय जल आयोग से समय पर अनुमोदित कराया जाए। साथ ही परियोजना के प्रत्येक चरण के लिए पीईआरटी चार्ट तैयार कर स्पष्ट टाइमलाइन के साथ कार्य किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना के लिए दक्ष मानव संसाधन, मशीनरी एवं निर्माण सामग्री की किसी भी प्रकार की कमी न होने पाए तथा हाइड्रो-मैकेनिकल ड्रॉइंग्स शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक अध्ययन भी तत्काल प्रस्तुत करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने यूजेवीएनएल और जिला प्रशासन को परियोजना से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स और प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव, ऊर्जा को अपने स्तर पर प्रत्येक पखवाड़े कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया है, जबकि स्वयं मुख्य सचिव भी नियमित रूप से प्रगति पर नजर रखेंगे। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों से स्वीकृतियों के लिए फाइल प्रोसेसिंग में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत बनने वाला बांध 204 मीटर ऊंचा होगा, जिसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 एमसीएम है। इस परियोजना से 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल, केन्द्रीय जल आयोग के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
