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प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग को आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय तटरक्षक जहाज ICGS समुद्र प्रताप के कमीशन होने पर गौरवपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मजबूत कदम बताया है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को और सुदृढ़ करेगा।

प्रधानमंत्री ने “X” (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि ICGS समुद्र प्रताप का कमीशनिंग कई अहम कारणों से महत्वपूर्ण है — यह भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, आत्मनिर्भरता की दृष्टि को आगे बढ़ाता है और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस जहाज की तैनाती से भारतीय समुद्री क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है

ICGS समुद्र प्रताप को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा बनाया गया है और यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण जहाज है। इसे 5 जनवरी 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमीशन किया था।

✔️ निर्माण और उद्देश्य

  • निर्माण कार्य 23 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था।
  • यह जहाज विशेष रूप से समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव, और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
  • जहाज में आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियाँ जैसे साइड-स्वीपिंग आर्म्स, हाई-कैपेसिटी ऑयल रिकवरी सिस्टम, फ्लोटिंग बूम्स, एडवांस्ड स्किमर्स और एक समर्पित नियंत्रण लैब शामिल हैं।

🔥 उन्नत क्षमताएँ

  • ICGS समुद्र प्रताप में अत्याधुनिक तकनीक और सुसज्जित सिस्टम हैं, जिनसे यह समुद्री संकटों का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है:
  • Fire-Fighting System: Fi-Fi Class 2 सिस्टम से लम्बी दूरी व बड़े पैमाने पर आग से निपटने की क्षमता
  • नेविगेशन और ऑटोमेशन: डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम, इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट और पावर मैनेजमेंट सिस्टम
  • हथियार: 30 mm CRN-91 गन और दो 12.7 mm रिमोट-कंट्रोल्ड गनें
  • समुद्री आपात स्थितियों के लिए: तेल रिसाव का पता लगाने वाले उन्नत उपकरण और त्वरित सहायता क्षमताएँ

📊 मुख्य तकनीकी विशेषताएँ
विशेषता विवरण

  • लंबाई 114.5 मीटर
  • वजन 4,200 टन
  • गति 22 नॉटिकल मील/घंटा
  • रेंज 6,000 नॉटिकल मील
  • स्वदेशी सामग्री 60% से अधिक
  • क्रू 14 अधिकारी + 115 कर्मचारी
  • मुख्य भूमिका प्रदूषण नियंत्रण, समुद्री सुरक्षा, खोज-बचाव, कानून प्रवर्तन

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि ICGS समुद्र प्रताप भारत की समुद्री आत्मनिर्भरता और रक्षा उत्पादन क्षमता की पहचान है। यह जहाज भारतीय तटरक्षक बल की ऑपरेशनल ताकत को और मजबूत करेगा तथा समुद्री कानून के प्रवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और जहाज़ निर्माण की उत्कृष्टता में योगदान देगा।

ICGS समुद्र प्रताप अब कोच्चि में तैनात रहेगा और समुद्री सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

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