नई दिल्ली।
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज आयोजित होने वाली 76वें गणतंत्र दिवस की परेड में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 26 वर्षीय सहायक कमांडेंट सिमरन बाला परेड में अपनी फोर्स की 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहली बार है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं और वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल CRPF में यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और बल के लिए गर्व का विषय है।
CRPF देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ मानी जाती है। लगभग 3.25 लाख कर्मियों वाला यह बल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद से निपटने जैसे अहम दायित्व निभाता है।
सिमरन बाला ने जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने वर्ष 2025 में UPSC द्वारा आयोजित CAPF सहायक कमांडेंट परीक्षा उत्तीर्ण कर CRPF में कमीशन प्राप्त किया। उनकी पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन में हुई, जहां उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रशिक्षण के दौरान भी सिमरन बाला ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्हें CRPF अकादमी, गुड़गांव में उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन और सार्वजनिक भाषण कौशल के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी खास तौर पर चर्चा में है। CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीम ‘डेयर डेविल्स’ मोटरसाइकिल स्टंट के जरिए एनफील्ड बुलेट्स पर साहसिक करतब दिखाएगी। इससे पहले भी वर्ष 2020 में महिला जवानों ने इस प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा था।
सहायक कमांडेंट सिमरन बाला का नेतृत्व न केवल महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि साहस, नेतृत्व और क्षमता के मामले में महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।

