मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वन विभाग के अंतर्गत इको-टूरिज्म से सम्बन्धित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए इसे सुव्यवस्थित एवं टिकाऊ ढंग से विकसित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का अधिकांश भूभाग वनाच्छादित होने के कारण यहां इको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इको-टूरिज्म के लिए ऐसे नए स्पॉट चिन्हित किए जाएं, जहां पर्यावरण के अनुकूल इको-सिस्टम विकसित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए एकीकृत पॉलिसी 15 जनवरी तक अंतिम रूप देकर शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉलिसी बनाने से पहले निजी स्टेक-होल्डर्स से संवाद किया जाए, ताकि भविष्य में व्यवहारिक समस्याओं से बचा जा सके। साथ ही नई ट्रैकिंग चोटियों को खोलने के लिए पर्यावरण ऑडिट सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने और शीघ्र ही इसकी एसओपी जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट टाइम-लाइन तय कर समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने के लक्ष्य सौंपने को कहा।
मुख्य सचिव ने इको-टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित स्थलों पर भी लागू करने की बात कही। उन्होंने सभी संभागीय वन अधिकारियों (डीएफओ) को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें। इसके तहत 10 चिन्हित साइट्स का प्लान एक माह के भीतर शासन को भेजने को कहा गया।
वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक स्पष्ट मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके संचालन की जिम्मेदारी इको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (ETDB) को दी जाए। बोर्ड को मजबूत करने, मैनपावर बढ़ाने और बजट प्रावधान करने पर भी सहमति बनी।
अपर सचिव वन को निर्देश दिए गए कि ईटीडीबी के लिए नया हैड खोला जाए ताकि यूटीडीबी की तरह इसे भी ग्रांट दी जा सके। साथ ही इको-टूरिज्म साइट्स के संचालन के लिए शीघ्र एमओयू करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इको-टूरिज्म से सम्बन्धित हाई-पावर समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने और प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेशन) देने की व्यवस्था बनाने को कहा गया। प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी जाएगी, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग से भी सुझाव लिए जाएंगे।
बैठक में सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ इको-टूरिज्म पी.के. पात्रो, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित वन एवं पर्यटन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
