हुबली (कर्नाटक), 07 जनवरी 2026: कर्नाटक के हुबली में एक बीजेपी महिला कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि केशवपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार करते समय बेरहमी से पेश आए और उनके कपड़े फाड़ दिए, जिससे वे निर्वस्त्र हो गईं। यह मामला राजनीतिक विवाद और मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास से जुड़ी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच सामने आया है।
पुलिस द्वारा जारी वीडियो में महिला कार्यकर्ता को पुलिसकर्मियों के घेरे में देखा गया, और आरोप है कि गिरफ्तार करने के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए। बीजेपी ने इस घटना को पुलिस की बर्बरता और महिला के साथ अपमानजनक व्यवहार करार दिया है, और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
यह विवाद कांग्रेस नगर निगम पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला द्वारा दर्ज शिकायत के कारण शुरू हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला कार्यकर्ता ने मतदाता सूची संशोधन के दौरान अधिकारियों की सहायता की और कुछ मतदाताओं के नाम हटवाए, जिससे कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच पहले से तनाव था।
पुलिस का दावा: पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बताया है कि महिला अरेस्ट का विरोध कर रही थी और अपने कपड़े खुद उतार दिए थे, इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा है कि प्रक्रिया के दौरान कोई गलत व्यवहार नहीं हुआ और उचित तरीके से कार्रवाई की गई।
अब इस मामले की जांच जारी है, और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है। बीजेपी नेता इस घटना को इनसानीyat के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि पुलिस अपना पक्ष स्पष्ट कर रही है।
