काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। टिमुरे बाजार और आसपास के दो बाजार क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सुबह करीब 9 बजे अचानक आई बाढ़
जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे लेन्दे खोला (भोटेकोशी नदी) में अचानक जलस्तर बढ़ने से टिमुरे बाजार की बस्ती और आसपास के इलाके इसकी चपेट में आ गए।
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार के मुताबिक, बाढ़ से निचले तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। कई बस्तियों में पानी घुस गया और जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
कस्टम कार्यालय और वाहन भी बहे
बाढ़ से रसुवा सीमा नाके और कस्टम कार्यालय क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान बाढ़ के पानी में बह गए। पिछले साल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी बाढ़ में बह गया।
तीन पुलिस कार्यालयों को नुकसान
बाढ़ की चपेट में नेपाल पुलिस के तीन कार्यालय भी आए हैं। इनमें इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी शामिल हैं।
बाढ़ का असर नुवाकोट जिले तक भी पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
राहत और बचाव के लिए दो सैन्य हेलीकॉप्टर रवाना
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा के लिए रवाना किए गए हैं।
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि हेलीकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत अभियान में शामिल होने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
भारी तबाही को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रभावित जिलों के प्रमुख अधिकारियों से सीधे संपर्क कर स्थिति की निगरानी की जा रही है।
वहीं, गृह मंत्री सुदन गुरुंग की मौजूदगी में भी मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट की आपात बैठक शुरू हुई है। इसमें नुकसान का आकलन, खोज एवं बचाव तथा राहत कार्यों को लेकर जरूरी फैसले लिए जा रहे हैं।
पांच जिलों में हाई अलर्ट
भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन के नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
गृह मंत्री ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। प्रशासन ने लोगों से अगले आदेश तक नदी किनारे जाने से बचने को कहा है।
काठमांडू से कई जिलों की ओर यातायात रोका गया
बाढ़ के खतरे को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों को रोक दिया है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित मार्गों पर यात्रा न करने की अपील की है।
इसके अलावा पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिन–नारायणगढ़ मार्ग पर भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1234 जारी किया है। किसी भी स्थान पर फंसे लोगों को बचाव या सहायता की जरूरत होने पर इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है।
फिलहाल राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान और लापता लोगों की संख्या का आकलन बचाव अभियान आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
