अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (US Trade Representative) जेमिसन ग्रीर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड डील (India-EU FTA) को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है।
ग्रीर ने Fox Business के इंटरव्यू में कहा कि भारत और EU के बीच जो मुक्त व्यापार समझौता हुआ है, उसमें भारत को महत्वपूर्ण लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि
✔️ भारत को यूरोपीय बाजार में अधिक बाजार पहुँच (market access) मिला है।
✔️ इसके साथ ही कुछ अतिरिक्त इमिग्रेशन (वर्क/वर्कर मूवमेंट) के अवसर भी मिल सकते हैं, जिससे भारतीय कर्मचारियों को यूरोप में काम करने का मौका मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि “यह डील भारत के लिए फायदे का सौदा है और India “comes out on top” — यानी भारत इसमें शीर्ष पर उभरा है।
ग्रीर ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ “वैश्वीकरण को आगे बढ़ा रहा है”, जबकि अमेरिका अपने घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दे रहा है। इस वजह से कई देश, जिनके पास अतिरिक्त उत्पादन है, EU-India डील को एक अच्छे वैकल्पिक बाजार के रूप में देख रहे हैं।
जेमिसन ग्रीर ने यह भी कहा कि अमेरिका भारत की रूसी तेल आयात योजना पर नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद में प्रगति की है, लेकिन अभी भी इस पर उच्च टैरिफ लागू है।
उनके बयान को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, क्योंकि अमेरिका ने कई देशों पर उच्च टैरिफ लगाया है और इसी वजह से भारत और EU जैसे बड़े साझेदार साथ आ रहे हैं।
👉 संक्षेप में, जेमिसन ग्रीर का कहना है कि भारत-EU FTA भारत के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे वह यूरोपीय बाजार में विस्तार कर सकता है और व्यापार में लाभ कमा सकता है, हालांकि अमेरिका अब भी भारत-US संबंधों और रूसी ऊर्जा आयात पर ध्यान दे रहा है।

