अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की संभावित धमकी के बाद रूस ने सख्त प्रतिक्रिया दी है, और यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव का विषय बन गया है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की ईरान पर हमले की धमकियों को “पुरा अस्वीकार्य” बताया है और चेताया है कि ऐसे किसी भी हमले से मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर नुकसान हो सकता है। रूस ने आरोप लगाया है कि बाहरी ताकतें ईरान के भीतर सामाजिक असंतोष का फायदा उठाकर देश की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं, जिसे वह विदेशी साजिश कहते हैं। रूस ने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा ईरान के मित्र देशों को व्यापारिक टैरिफ बढ़ाकर डराने के प्रयास ब्लैकमेलिंग जैसा है, जो स्वीकार्य नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर ईरानी नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि “मदद जल्दी आ रही है” और प्रदर्शन जारी रखने को कहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा:
“ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो, अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो… हत्यारों और अत्याचार करने वालों के नाम याद रखो। वे बड़ी कीमत चुकाएंगे।”
इसी के साथ ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं जब तक कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और दमन तेज हुआ है और अलग-अलग स्रोतों के अनुसार प्रदर्शनकारियों की संख्या में सैकड़ों से लेकर हजारों मौतें हुई हैं।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई भी हमला किया जाता है या बाहरी हस्तक्षेप होता है, तो उसका परिणाम मध्य पूर्व में अशांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद “प्राणघातक” साबित हो सकता है। रूस यह भी कहता है कि ईरान के विरोध प्रदर्शन आंतरिक सामाजिक-आर्थिक कारणों से शुरू हुए थे, न कि बाहरी रूप से निर्देशित।
रूस ने अमेरिका की ईरान पर हमले की धमकी को पूर्ण रूप से अस्वीकार्य बताया है और इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया है।
ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को समर्थन जताया है और कहा है कि “मदद आ रही है”, साथ ही बातचीत रद्द कर दी है।
ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच अंतरराष्ट्रीय तनाव तेज हो गया है, और रूस-अमेरिका के बीच कूटनीतिक टकराव भी बढ़ रहा है।
