मैसुरु/बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के एक रहस्यमय सोशल मीडिया पोस्ट ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा – “प्रयास भले ही विफल हो जाए, लेकिन प्रार्थना कभी विफल नहीं होती।” इस पोस्ट को राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री पद की उनकी दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मैसुरु एयरपोर्ट पर टारमेक पर ही पहले डीके शिवकुमार और फिर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से अलग-अलग संक्षिप्त मुलाकात की थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। राहुल गांधी से हुई इस बातचीत के बाद ही शिवकुमार का यह पोस्ट सामने आया, जिसने अटकलों को और तेज कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार हाल के दिनों में राहुल गांधी से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यह मुलाकात संभव नहीं हो पा रही थी। ऐसे में मैसुरु एयरपोर्ट पर हुई यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवकुमार के पोस्ट का इशारा इस ओर है कि उन्हें अभी और इंतजार करने के लिए कहा गया है और इस पूरे मसले पर जल्द ही दिल्ली में विस्तृत चर्चा हो सकती है।
वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सत्ता परिवर्तन को लेकर चल रही सभी अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा है कि पार्टी हाईकमान जो भी फैसला करेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे और फिलहाल सरकार में किसी भी तरह के बदलाव की कोई बात नहीं है।
हालांकि, सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच लंबे समय से जारी नेतृत्व संघर्ष, राहुल गांधी से हुई ताजा मुलाकात और अब शिवकुमार का यह संदेश—इन सभी घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी सरगर्मी अभी थमने वाली नहीं है। पार्टी आलाकमान के अगले कदम पर ही राज्य की राजनीति की दिशा तय होगी।
