onwin giriş
Home देश

इंदौर में दूषित पानी से उल्टी-दस्त की महामारी, 14 की मौत, 1400 से ज्यादा बीमार

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल के कारण उल्टी-दस्त की गंभीर महामारी फैल गई है। इस महामारी में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं। लैब जांच में पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा इलाके की पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण सप्लाई में गंदा पानी मिल गया था।

शहर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि एक मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि भागीरथपुरा में पेयजल पाइपलाइन में रिसाव था। अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर पाइपलाइन में लीकेज पाया गया, उसके ठीक ऊपर एक शौचालय बना हुआ है, जिससे पानी दूषित हुआ और संक्रमण फैला।

महामारी की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 272 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और 32 मरीजों को ICU में रखा गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि भागीरथपुरा की पूरी पाइपलाइन की गहन जांच की जा रही है ताकि कहीं और रिसाव न हो। जांच के बाद क्षेत्र में साफ पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। पानी के नए सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का दौरा किया। गुरुवार को 1714 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 8571 लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई। इनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण पाए गए, जिन्हें घर पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।

इस घटना से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे मध्य प्रदेश में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने की घोषणा की है। इंदौर जैसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी से हुई मौतों ने प्रशासन और आम जनता दोनों को चिंतित कर दिया है।

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.