सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध कगारी बीच (पूर्व में फ्रेजर आइलैंड) पर 19 साल की कनाडाई युवती की लाश मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस को शव पर डिंगो (ऑस्ट्रेलिया के जंगली कुत्ते) के हमले जैसे निशान मिले हैं, जिसके बाद मौत के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, युवती की मौत डूबने से हुई या डिंगो के हमले से, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
पुलिस के अनुसार, युवती का शव सोमवार सुबह कगारी द्वीप के पूर्वी तट पर स्थित बीच पर माहेनो जहाज के मलबे के पास मिला। बताया गया है कि युवती ने अपने दोस्तों और सहकर्मियों को सुबह करीब 5 बजे तैरने के लिए जाने की बात कही थी। इसके करीब 95 मिनट बाद, सुबह 6:35 बजे पुलिस को उसके शव के बारे में सूचना मिली।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीच पर SUV से गुजर रहे दो युवकों ने शव के आसपास करीब 10 डिंगो को देखा था। पुलिस इंस्पेक्टर पॉल अल्जी ने बताया, “यह उनके लिए बेहद डरावना और दर्दनाक दृश्य था। हम पुष्टि कर सकते हैं कि युवती के शरीर पर ऐसे निशान थे, जो डिंगो द्वारा नोचे जाने की ओर इशारा करते हैं।” हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता।
पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा कि यह अभी साफ नहीं है कि युवती की मौत डूबने से हुई या डिंगो के हमले के कारण। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बुधवार को आने की उम्मीद है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जानकारी के अनुसार, युवती पिछले करीब छह हफ्तों से कगारी बीच पर एक टूरिस्ट हॉस्टल में काम कर रही थी। उसके साथ कनाडा से आई उसकी एक दोस्त भी वहीं काम कर रही है।
घटना के बाद से युवती की दोस्त गहरे सदमे में है और उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है। पुलिस कनाडा में उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि कगारी द्वीप दुनिया का सबसे बड़ा रेतीला द्वीप है और यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। यहां करीब 200 डिंगो आज़ाद घूमते हैं, जो एक संरक्षित देशी प्रजाति हैं। कोविड-19 के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ने से डिंगो के व्यवहार में आक्रामकता बढ़ी है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे डिंगो के पास न जाएं और न ही उन्हें खाना खिलाएं। उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले भी इसी द्वीप पर जॉगिंग कर रही 23 वर्षीय युवती पर डिंगो के झुंड ने हमला किया था, जिसे एक पर्यटक ने समय रहते बचा लिया था।
