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जनजाति क्षेत्र की संस्कृति का भार संभाले युवा

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हिमालयन ट्राइब महोत्सव के तहत रं, रोंगपा, जाड़, शोका जनजाति समुदाय के लोगों का हिमालयन ट्राइब महोत्सव सम्पन्न हो गया। मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आचार संहिता के कारण वह कोई घोषणा तो नहीं कर पाएंगे लेकिन आयोजकों की मांग के अनुरूप दून में जनजाति कल्चरल सेंटर खोंलने में वह पूरा सहयोग करेंगे। सचिवालय के समीप लार्ड वेंकटेश वेडिंग पॉइंट में हुए कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि, पहाड़ की खूबसूरती यहां की छोटी छोटी संस्कृति में झलकती है। सरकार भी बोली भाषा , संस्कृति संवर्धन के लिए काम कर रही हस। पौड़ी में बोली भाषा का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। अल्मोड़ा में भी इसी प्रकार की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह तेजी से स्थानीय बोलियां लुप्त हो रही वह चिंताजनक है। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हंस फॉउडेशन की माता मंगला ने भी सांस्कृतिक पहचान को संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया। वहीं सीएम के सामने रं,  रोंगपा, जाड़ युवा समिति व रोंगपा यूथ सोसाइटी के जनजाति कलाकारों ने पारम्परिक लोकगीत, लोकनृत्य प्रस्तुत किये। हर्सिल, डुंडा के बगौरी गांव के जाड़ समुदाय के कलाकारों ने रासों नृत्य प्रस्तुत किया। सुदूर धारचूला के रं समुदाय द्वारा पारंपरिक नृत्य ढाल और तलवार के साथ किया।गायक गणेश सिंह मतोलिया, हिमांशु हियांगी, बिनसी गुंजियाल, मयंक रोंगपा, अनूप परमार, बीटबॉक्सर प्रणय ऐले ने भी जनजाति क्षेत्र के लोकगीत गाये।

कार्यक्रम में चार धाम यात्रा विकास परिषद उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं, रोंगपा यूथ सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष पंकज बड़वाल, पीएस गबरियाल, निधि पाल, बृजमोहन सिंह चौहान, कमला राणा, करण ततवाल, हंसराज ढंकरियाल, सुंदर बगियाल, बलवीर गुंजयाल, इंदु देवी भंडारी, कमला राणा, मंजू नेगी, वैशाखी भंडारी, जसीला देवी, नीरज पांगती, बीएस नेगी, करण सिंह राणा, मौजूद रहे। 

महेश भट्ट, पूजा भट्ट ने सराहा
सीएम ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व जब फ़िल्म निर्देशक महेश भट्ट और पूजा भट्ट उनसे मिलने आये थे तो उन्होंने उत्तराखंड के बारे में जानने की जिज्ञासा व्यक्त की थी। तब उन्होंने राज्य के जनजाति क्षेत्र के पहनावे, खानपान की जानकारी दी थी। पूजा भट्ट को तो यहां के परिधान ने काफी आकृष्ट किया। वह बोली भी कि, जनजाति क्षेत्र के पहनावे में रंगों का अद्भुत मिश्रण है।

दरबान के गीत आंग भी हुन्ती का विमोचन
सीएम ने लोकगायक दरबान नेथवाल के गीत आंग भी हूंती का भी विमोचन किया। दरबान की 15 साल की मेहनत गीत में साफ दिखती है। उन्होंने बताया कि ये गीत हिमालयी जनजाति के सामान्य जनजीवन को समर्पित है। इसका संगीत संजय कुमोला ने दिया है।

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