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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के चलते राज्य सचिवालय में बृहस्पतिवार को बहुत कम संख्या में अधिकारी व कर्मचारी सचिवालय पहुंचे

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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के चलते राज्य सचिवालय में बृहस्पतिवार को बहुत कम संख्या में अधिकारी व कर्मचारी सचिवालय पहुंचे। सचिवालय के आधे अनुभागों में ताले लटके मिले। आधे अनुभाग खुले भी तो उनमें अनुभाग अधिकारी व इक्का दुक्का समीक्षा अधिकारी पहुंचे। उनमें से भी कई कर्मचारी अपना बचा हुआ कार्य निपटाकर घर चले गए। दोपहर बाद तक सचिवालय में सन्नाटा पसर गया।मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को बृहस्पतिवार से 25 मार्च तक सचिवालय में आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को छोड़कर बाकी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को घर से ही काम करने की छूट दी थी।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, प्रभारी सचिवों विभाग प्रमुखों, कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि वे स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, पेयजल और सफाई व्यवस्था को छोड़कर बाकी विभागों के  अधिकारियों व कर्मचारियों से घर से काम ले सकते हैं। शासन के इन निर्देशों को बृहस्पतिवार को सचिवालय में असर दिखाई दिया। अपर सचिव स्तर तक के अधिकांश अधिकारियों को छोड़कर बाकी अधिकारी और कर्मचारी सीमित संख्या में सचिवालय पहुंचे। 50 प्रतिशत अनुभागों में ताले लटके थे। जिन अनुभागों में काम चल रहा था, वहां संबंधित कर्मचारी जरूरी काम निपटाने की जल्दबाजी में दिखे।

पचास प्रतिशत अनुभागों में से अधिकतर में अनुभाग अधिकारियों की ही मौजूदगी दिखी। परिवहन, आवास, न्याय, पर्यटन, वित्त, स्वास्थ्य, सरीखे विभागों के कुछ अनुभागों में कामकाज होता दिखा। ज्यादातर अनुभाग 25 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के प्रश्नों के उत्तर बनाते दिखाई दिए। कई कर्मचारी दोपहर बाद तक अपना काम निपटाकर घर चले गए। शुक्रवार को सचिवालय में कर्मचारियों की आमद में और कमी आने के आसार हैं।पिछले 16 दिनों से बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल पर होने के कारण सचिवालय के अनुभागों पर काम का बोझ पड़ा है। अनुभागों की टेबलों पर फाइलों के ढेर लग गए हैं। सबसे अधिक दबाव 25 मार्च से शुरू हुए रहे बजट सत्र से संबंधित सूचनाएं तैयार करने का है।

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