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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक कालाढुंगी विधानसभा क्षेत्र एक गांव में सम्पन्न हुई।

इस अवसर पर मौजूद क्षेत्रवासियों ने कहा कि यहां रहने वाले लोग न तो नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के दायरे में आते हैं और न ही वे ग्राम सभा बैड़ापोखड़ा के अंतर्गत आते हैं।इस सम्बंध में लोगों ने अपनी चिंता जाहिर की।

उपपा के केन्द्रीय अध्यक्ष पी.सी तिवारी ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह समस्या यहां के लोगों के अस्तित्व से जुड़ी हुई है क्योंकि क्षेत्र के निवासियों को न ही नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम में शामिल किया गया है और न ही यह लोग ग्राम सभा बैड़ापोखरा के अंतर्गत आते हैं।उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को जन्म एवं मत्यु प्रमाण पत्र बनाने में भी काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उनकी इस समस्या से कोई लेना देना नहीं है।

श्री तिवारी ने नेतृत्व में प्रारम्भिक तौर पर क्षेत्र के पांच लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एम.सी कांडपाल के संचालन में यहां आयोजित हुई बैठक में उपपा का एक पांच सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन भी किया गया है।संयोजक मंडल में जगदीश उनियाल,शिरोमणि पांडे,मोहन लाल,कैलाश चन्द्र और किशन रावत को शामिल किया गया है।इस नव निर्मित संयोजक मंडल से एक माह के नियत समय में मामले से सम्बंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों का संग्रह कर पत्रावली तैयार करने की अपेक्षा भी की गयी है।

पी.सी तिवारी ने कहा कि संयोजक मंडल को सौंपे गए प्रारम्भिक कार्य के उपरांत क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान के लिछ एक वृहद आंदोलन करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
श्री तिवारी ने यह भी कहा कि क्षेत्रिय अस्मिता के सवाल पर राज्य के निवासियों के पास उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के रुप में एकमात्र विकल्प है।
बैठक में श्रमिक नेता भूपाल सिंह धपोला,सुमित तिवाड़ी,मतलूब अहमद सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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