उत्तराखंड विधानसभा सत्र केवल तीन दिन का होगा लेकिन सवाल पूछने की आई बाढ़

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उत्तराखंड विधानसभा में इस बार सरकार को सत्ता पक्ष सहित विपक्ष के विधायकों के कई सवालों का सामना करना पड़ सकता है। सवाल पूछने के मामले में विधानसभा सदस्य इस बार रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर हैं। सत्र शुरू होने में अभी काफी समय है और विधानसभा को 910 सवाल मिल चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की।

विधानसभा सत्र इस बार महज तीन दिन का है और 23 सितंबर से शुरू हो रहा है। कोविड काल में विधायकों ने इस बार सत्र में सवालों की झड़ी भी लगा दी है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के मुताबिक कोरोना को देखते हुए इस बार विधायकों को ऑनलाइन सवाल दाखिल करने की सुविधा दी गई थी। विधायक भी इस सुविधा का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। सवालों की संख्या 900 से अधिक हो चुकी है और सवालों को सिलसिला अभी जारी है।

विधानसभा से मिली जानकारी के मुताबिक सत्रों में सामान्य रूप से 900 से हजार के बीच में सवाल पूछे जाते हैं। कुछ विधायक हैं जो सवाल पूछने से गुरेज भी नहीं करते। मार्च में आयोजित सत्र में ही विधानसभा को 724 सवाल मिले थे। ऐसे में यह भी जाहिर हो रहा है कि इस बार विधानसभा सत्र में सरकार को कई सवालों का सामना करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर मंत्रियों पर भी होगा। प्रश्नकाल में ट्रेजरी बैंच को सवालों के जवाब देने होते हैं और पहले भी कई बार मंत्रियों को खासी फजीहत का सामना इस मामले को लेकर करना पड़ा है।