Latest:
Home उत्तराखंड देश पर्यटन स्लाइड

प्रदेश में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार बना रही प्रस्ताव, करीब 28 लाख वाहनों को सीएनजी में लाने का है प्रस्ताव।

प्रतीकात्मक चित्रण
Facebooktwittermailby feather

उत्तराखंड : प्रदेश  में बढ़ते प्रदूषण को मध्य नजर रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदूषण को रोकने के लिए लगगतार प्रयास कर रही है। जिसके चलते सरकार ने सीएनजी नीति बनाने का फैसला किया है जिसके लिए पर्यावरण निदेशालय और परिवहन विभाग को नीति का ड्राफ्ट तैयार करने का जिम्मा सौपा गया है। सरकार को 2022 तक सड़कों पर धुआं छोड़ने वाले वाहनों की जगह सीएनजी वाहनों को चरणबद्ध ढंग से शामिल करना है।
पर्यावरण निदेशालय के अध्यक्ष एसपी सुबुद्धि ने प्रस्ताव तैयार करने की पुष्टि की है। नीति का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसका प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। परिवहन विभाग अलग से सीएनजी नीति का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। साथ ही प्रस्ताव के मुताबिक यह योजना सबसे पहले सरकारी वाहनों पर लागु होगी।

इन प्रस्तावों पर काम करेगा पर्यावरण विभाग  
1- वायु प्रदूषण कम करना
2- सीएनजी के लिए प्रोत्साहित करना
3- उन रियायतों का प्रस्ताव बनाना जिससे लोग सीएनजी को अपनाए
4- सीएनजी के इस्तेमाल को लेकर नियम तैयार करना

परिवहन विभाग करेगा ये काम
1-वाहनों को सीएनजी में बदलने की नीति बनेगी
2- सीएनजी वाहनों को लेकर मानक तैयार होंगे
3- पुराने वाहनों को सीएनजी में बदलने की योजना बनेगी
4-सीएनजी वाहनों के संचालन का कार्य होगा
5-सीएनजी वाहनों को प्रोत्साहन पर काम होगा

 

28 लाख से ज्यादा वाहन हैं प्रदेश में मौजूद
परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 28 लाख से अधिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा करीब साढ़े 11 लाख वाहन देहरादून में हैं। हरिद्वार में 5.62 लाख और हरिद्वार 4.88 लाख वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

एनजीटी के तहत 2022 तक सभी वाहनों को सीएनजी में बदलना है। इसके लिए सरकार चरणबद्ध योजना बनाएगी। पहले चरण में सरकारी वाहनों को सीएनजी में बदला जाएगा। प्रदेश में 15 से 20 हजार सरकारी वाहन होने का अनुमान है। दूसरे चरण में करीब ढाई लाख सार्वजनिक वाहनों को सीएनजी में बदला जाएगा। तीसरा चरण निजी वाहनों को सार्वजनिक वाहनों में बदलने का होगा।

 

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.