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यातायात चौराहों पर अब कोई भी आपातकालीन वाहन आने पर सिग्नल खुद ही ग्रीन होगा

यातायात चौराहों पर अब कोई भी आपातकालीन वाहन आने पर सिग्नल खुद ही ग्रीन हो जाएगा। यातायात निदेशालय की ओर से मैदानी व पहाड़ी जनपदों में 28 ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। इसकी विशेषता ये होगी कि सिग्नल में अलग-अलग यातायात प्रवाह के हिसाब से समय निर्धारित किया जा सकेगा।

यातायात निदेशालय की ओर से राज्य में पहली बार ट्रैफिक लाइट की खरीदारी की गई, जो कि लंबे समय से लंबित चल रही थी। इन ट्रैफिक लाइट का पूरा रखरखाव भी यातायात निदेशालय की ओर से किया जाएगा। इससे पूर्व राज्य में ट्रैफिक लाइट की खरीदारी व संचालित करने का जिम्मा अन्य विभागों पर होता था। बार-बार ट्रैफिक लाइट की शिकायतों को ध्यान में रख निदेशालय ने यह कदम उठाया है।

यातायात निदेशालय ने 28 ट्रैफिक लाइट खरीदी हैं। इनमें से 24 को पूर्व में चिह्नित स्थानों पर लगवाया जा चुका है। इनमें नैनीताल जिले में 15, ऊधमसिंह नगर जिले में 11 और पौड़ी व टिहरी जिले में एक-एक चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। साथ ही पहाड़ी जनपदों में 200 सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इसमें से 80 कैमरे खरीदे जा चुके हैं, जिन्हें पौड़ी गढ़वाल एवं रुद्रप्रयाग में लगवाया जा चुका है।

  • ट्रैफिक लाइट हाईब्रिड हैं, जो कि बिजली के अलावा सोलर से भी संचालित होंगी।
  • लाइटा को मेन्युअल भी संचालित किया जा सकेगा।
  • ट्रैफिक लाइट में ऑटोमैटिक ब्लींकर मोड है। इससे जिस दिशा से आपातकालीन वाहन आएंगे, उनके लिए ग्रीन सिग्नल खुद ही हो जाएगा।
  • लाइट पर 24 वोल्ट का धारा प्रवाह होगा। जिसके कारण करंट का खतरा नहीं रहेगा।
  •  पैदल यात्रियों के लिए भी इसमें सिग्नल दिया गया है।

केवल खुराना (डीआइजी व यातायात निदेशक उत्तराखंड पुलिस) ने कहा कि यातायात निदेशालय की ओर से लगाई गई ट्रैफिक लाइट की मदद से यातायात को संचालित करने में काफी मदद मिलेगी। ये ट्रैफिक लाइट भविष्य में ध्यान रखकर खरीदी गई हैं।

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