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विपक्ष ने सरकार पर तीलू रौतेली पुरस्कार के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए

महिला सशक्तीकरण के तहत शिक्षा, खेल, समाजसेवा, पर्यावरण, स्वरोजगार समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिए जाने वाले तीलू रौतेली पुरस्कार इस बार विवाद में भी रहे। विपक्ष ने सरकार पर इस पुरस्कार के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इन सवालों की गूंज का असर रविवार को तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता पुरस्कार वितरण समारोह में भी दिखा।समारोह में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए तीलू रौतेली पुरस्कार को लेकर कई तरह के विवादों का ताना-बाना बुना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि इस पुरस्कार के लिए चयन में कहीं किसी भी तरह का कोई पक्षपात नहीं हुआ है।

मंत्री आर्य ने सवाल उठाया कि कोरोनाकाल में जिन महिलाओं ने अपने जीवन की परवाह न करते हुए जरूरतमंदों की मदद की, क्या वे पुरस्कार की हकदार नहीं हैं। विपक्ष की ओर से भाजपा से जुड़ी महिलाओं को चयनित किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने सेवा ही संगठन के तहत घरों से निकलकर आमजन की सेवा की। यदि किसी ने उल्लेखनीय योगदान दिया है तो उसे सम्मान दिया जाना चाहिए।मुख्य सचिव डा एसएस संधू ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन उत्तराखंड निवास का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता बनाए रखते हुए तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा किया जाए। रविवार को मुख्य सचिव एसएस संधू नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास का निरीक्षण करने पहुंचे।

उन्होंने उत्तराखंड निवास के नक्शे का अवलोकन करते हुए भवन में पार्किंग व्यवस्था समेत अन्य विषयों के संबंध में जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड स्थानिक आयुक्त एकीकृत भवन और उत्तराखंड सदन के रखरखाव एवं सुंदरीकरण का भी निरीक्षण किया।बताया गया कि नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में जून 2020 में उत्तराखंड निवास के निर्माण का काम शुरू हुआइस भवन में तीन बेसमेंट बनाए जाने प्रस्तावित हैं। भवन में भूतल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखंड वास्तुकला शैली में बनाया जाएगा। ग्रीन बिल्डिंग की तर्ज पर बनाए जा रहे इस भवन में अपना सीवेज शोधन संयत्र होगा। भवन में 50 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है। इसका निर्माण कार्य 2022 में पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर स्थानिक आयुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर स्थानिक आयुक्त इला गिरी, मुख्य व्यवस्था अधिकारी रंजन मिश्रा एवं उत्तराखंड पेयजल निगम के अपर सहायक अभियंता अरविंद सैनी भी उपस्थित थे।

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