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प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल इंडिया की मुहिम को उत्तराखंड में आगे बढ़ाने के लिए धामी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया की मुहिम को उत्तराखंड में आगे बढ़ाने के लिए धामी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। ई-गवर्नेंस के मद्देनजर प्रशासन व शासन को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़कर सुशासन की दिशा में बुधवार को ‘अपणि सरकार’ और ‘उन्नति पोर्टल’ के जरिये एक नई कड़ी जुड़ गई। ई-गवर्नेंस की इस पहल से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता तो आएगी ही, भ्रष्टाचार पर भी लगाम कसने में मदद मिलेगी। निश्चित रूप से सरकार की यह सोच अच्छी है और मंशा भी। जरूरत इस बात की है कि डिजिटल माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं के क्रियान्वयन को लेकर संबंधित महकमे पूरी गंभीरता बरतें, ताकि आमजन की शिकायतों व समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही सरकार को डिजिटल जागरूकता पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।बदली परिस्थितियों में डिजिटल प्लेटफार्म समय के साथ चलने का सशक्त माध्यम बन चुका है। सरकारी सेवाओं में इससे समय की बचत के साथ ही आमजन को सुविधा तो मिल ही रही, विभागीय कार्यों में पारदर्शिता भी आई है। कोरोनाकाल के दौरान सुरक्षित शारीरिक दूरी के मद्देनजर इस प्लेटफार्म ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्य में सरकार की ओर से इस दिशा में उठाए गए कदमों पर नजर दौड़ाएं तो इसके सार्थक परिणाम भी दिखे हैं।

आमजन को विभिन्न प्रमाणपत्रों व सेवाओं के लिए विभागों के चक्कर काटने के झंझट से निजात दिलाने में ई-डिस्ट्रिक्ट, कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) की संकल्पना काफी मददगार साबित हुई है। इनके माध्यम से अब तक 80 लाख से ज्यादा आवेदन निस्तारित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार सीएम हेल्पलाइन-1905 में भी करीब डेढ़ लाख शिकायतें दर्ज हुई, जिनमें से लगभग आधे से अधिक निस्तारित की जा चुकी हैं। अब अपणि सरकार पोर्टल के जरिये मिल रही नौ विभागों की सेवाओं को 32 से बढ़ाकर 75 किया गया है। सेवा का अधिकार आयोग में अधिसूचित सेवाओं को भी अपणि सरकार पोर्टल से संचालित किया जाएगा। इतना ही नहीं न्याय पंचायत स्तर पर ई-पंचायत की सेवा जनता को उपलब्ध कराई जा रही है।इसके साथ ही ई-कैबिनेट से पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है तो सचिवालय में 55 विभागों और 144 अनुभागों को ई-आफिस से जोड़ा गया है। विभागों के कामकाज पर आनलाइन नजर रखने को सीएम डैशबोर्ड उत्कर्ष के बाद अब उन्नति पोर्टल के जरिये विभागीय योजनाओं, परियोजनाओं पर हर स्तर पर निगाह रहेगी। सरकार की इन पहल के पीछे आमजन को सुविधा देने के साथ ही विभागों में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस दिशा में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है।

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