उत्तराखंड में कोरोना के डर से परीक्षा ड्यूटी के लिए शिक्षकों ने हाथ पीछे खींचे, कहा-विकल्प तलाशें

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इसी माह से प्रस्तावित विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं पर कोरोना का का असर दिख रहा है। कई कॉलेजों में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से शिक्षक परीक्षा ड्यूटी को लेकर आशंकित हैं। शिक्षकों ने परीक्षा कार्यक्रम पर फिर विचार की मांग की है। 30 सितंबर तक वार्षिक परीक्षा कराने को लेकर यूजीसी की गाइडलाइन के क्रम में प्रदेश के सभी विवि ने सितंबर में परीक्षा शुरू करने का कार्यक्रम जारी कर दिया है।

लेकिन इस बीच प्रदेश के कई कॉलेजों में कोरोना पॉजिटिव मामले आने से कुछ दिन के लिए कॉलेज बंद करने तक की नौबत आन पड़ी है।इस कारण शिक्षकों के बीच परीक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। शिक्षक संगठन विवि और सरकार से परीक्षा कार्यक्रम पर नए सिरे से विचार की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रशांत सिंह के मुताबिक यूजीसी ने परीक्षा कराने के लिए कहा है, इसके लिए ऑफलाइन के अलावा भी विकल्प तलाशे जा सकते हैं।

डॉ. प्रशांत सिंह के मुताबिक केंद्र सरकार ने भी 21 सितंबर के बाद ही कॉलेजों में शिक्षकों को बुलाने की बात कही है, वो भी 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ। विवि को कम से कम इस तिथि तक तो इंतजार करना ही चाहिए था। महासंघ ने कहा कि कार्यक्रम घोषित किए जाने के बावजूद अब तक शिक्षकों को एसओपी की जानकारी नहीं दी है।