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श्रीदेव सुमन विवि का सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने का फैसला विवादों में घिरा

उत्तराखंड में श्रीदेव सुमन विवि के कॉलेजों में ही नहीं बल्कि परिसरों के छात्र भी अलग-अलग परीक्षा प्रणाली में एग्जाम देंगे। विवि का सेमेस्टर एग्जाम खत्म करने का फैसला विवादों में आ गया है। विवि के ऋषिकेश परिसर के छात्र जहां सेमेस्टर एग्जाम देंगे तो वहीं गोपेश्वर परिसर के छात्र वार्षिक परीक्षाएं देंगे। श्रीदेव सुमन विवि ने 17 दिसंबर को शासन के पत्र के आधार पर सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने के लिए अकादमिक परिषद की बैठक बुलाई। बैठक में लिए गए फैसलों पर विवाद पैदा हो गया है। पहला फैसला तो निजी और सरकारी कॉलेजों को लेकर हुआ।

विवि के 52 सरकारी कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर दिया गया जबकि निजी और अशासकीय कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम लागू रखा गया। जबकि कुमाऊं विवि ने सभी निजी और सरकारी कॉलेजों से सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर दिया।

दूसरा फैसला विवि के परिसरों को लेकर हुआ। इसके तहत ऋषिकेश परिसर में तो सेमेस्टर सिस्टम लागू रखा गया, जबकि गोपेश्वर परिसर से सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर दिया गया।

यानी विवि के एक परिसर के छात्र सेमेस्टर एग्जाम देकर डिग्री लेंगे जबकि एक दूसरे के छात्र साल में एक बार परीक्षा देंगे। विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी का कहना है कि शासन से जो पत्र मिला था। उसी को आधार बनाकर सेमेस्टर सिस्टम पर फैसला लिया गया है। 

विवि ऑटोनोमस बॉडी है। शासन ने केवल पत्र जारी किया था। विवि को सेमेस्टर सिस्टम पर फैसला लेने का पूर्ण अधिकार है। गोपेश्वर परिसर के बारे में पहले ही फोन पर बात भी हो चुकी है। इस पर भी विवि को ही फैसला लेना है। 

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