पहाड़ के साथ मैदानों में भी बढ़ रहा स्क्रब टायफस का खतरा, यहां दिखे इसके।…… 

Facebooktwittermailby feather

एक समय पहाड़ी क्षेत्रों में पायी जाने वाली यह बीमारी  स्क्रब टायफस के मरीज अब मैदानी क्षेत्रों में भी मिलने लगे हैं। हरिद्वार और देहरादून जिले में स्क्रब टायफस के कई मरीज सामने आए हैं। यहाँ के चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों में पिछले 1 महीने में स्क्रब टायफस के कई मरीज सामने आए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक स्क्रब टायफस एक जीवाणु जनित संक्रमण है। यह एक तरह के पिस्सु के काटने से फैलता है। यह पिस्सु पार्क और आसपास के पेड़ पौधों पर पाया जाता है। चूहे के शरीर पर भी यह पिस्सु पाया जाता है। पहले इसके लक्षण सिर्फ पहाड़ी क्षेत्रों में दिखाई देते थे लेकिन अब धीरे-धीरे मैदानी क्षेत्रों में भी इसके लक्षण सामने आये हैं

स्क्रब टायफस के लक्षण 

सिनर्जी हॉस्पिटल देहरादून के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक स्क्रब टायफस के  लक्षण- तेज बुखार और सिर दर्द होने लगता है। टेस्ट कराने पर प्लेटलेट्स कम आती है। लिवर का टेस्ट कराने पर एसजीपीटी एस जी ओ टी हाई हो सकती है। ट्रीटमेंट में देरी होने पर निमोनिया भी हो सकता है और हेपेटाइटिस के लक्षण भी सामने आ सकते हैं। दिमाग पर भी इसका असर हो सकता है। दिमाग की झिल्ली पर सूजन पैदा कर सकता है।