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उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने भी प्रदेश सरकार को धमकी दे डाली; आरक्षण हटाया तो होगा

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प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ जनरल ओबीसी कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल के बीच उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने भी प्रदेश सरकार को धमकी दे डाली है। फेडरेशन ने आगाह किया है कि सामान्य वर्ग के दबाव में आकर सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण हटाया तो फिर एससी एसटी वर्ग के कर्मचारी और समाज के लोग सामूहिक धर्मांतरण करने को मजबूर हो जाएंगे। इसका असर प्रदेश और राष्ट्रव्यापी होगा। पूरे देश में आंदोलन शुरू हो जाएगा।फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम रविवार को देहरादून स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी तो वे सरकार से विनती कर रहे हैं। लेकिन सामान्य वर्ग के दबाव में यदि फैसला लिया गया तो फिर वे धर्म परिवर्तन को मजबूूर हो जाएंगे। जब तक जाति व्यवस्था रहेगी तब तक आरक्षण भी रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जोशी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा कि विधानसभा के बजट सत्र के लिए एससी एसटी वर्ग के कार्मिकों को नोडल अफसर बना दिया जाए। करम राम ने इसे कर्मचारी आचरण नियमावली के खिलाफ बताया।

उन्होंने कहा कि जोशी मुख्य सचिव को निर्देशित नहीं कर सकते हैं। ऐसा करके उन्होंने मुख्य सचिव के ओहदे का अपमान किया है। उन्होंने कई संगठनों को पत्र लिखकर प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने को कहा है।नियमानुसार वह ऐसा नहीं कह सकते। क्योंकि जिन संगठनों को उन्होंने पत्र लिखा, उनमें एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारी भी सदस्य हैं। ऐसा करके उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव का अपमान किया है। उनके खिलाफ आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। करम राम ने कहा कि सरकार की व्यवस्था दबाव या तानाशाही से नहीं चलेगी। व्यवस्था संविधान से चलती है। संविधान में एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व की व्यवस्था है। प्रदेश सरकार के इंदु कुमार कमेटी के आंकड़े हैं। जस्टिस इरशाद हुसैन आयोग के भी आंकड़े हैं।

एससी-एसटी का प्रतिनिधित्व कम है तो सरकार तत्काल आरक्षण की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह संविधान विरोधी कदम नहीं उठाएगी। यदि सरकार ने सामान्य वर्ग के दबाव में आकर लेकर फैसला लिया तो एससी एसटी समाज अपना धर्म बदलने को मजबूर हो जाएगा। पत्रकार वार्ता में  फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणवीर तोमर, गंभीर सिंह तोमर, जितेंद्र सिंह बुटोइया, शिवलाल गौतम, कांता प्रसाद, जयपाल सिंह, आशा टम्टा,  रामबचन राभर, बलदेव शाह, हरीश कोली, संजय कुमार, जगदीश शाह, ओबीसी नेता प्रो. राजेश पाल, कुलदीप सिंह सैनी भी उपस्थित थे।

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