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ऋषिकेश: सरकार के पूर्ण प्रतिबंध के बाद भी लक्ष्मण झूला पर पैदल आवाजाही जारी

प्रशासन ने लक्ष्मणझूला पुल की मियाद खत्म होने के बाद पुल पर किसी भी प्रकार की आवाजाही करने पर रोक लगाई है। लक्ष्मणझूला पुल पर बड़ी संख्या में पैदल आवाजाही जारी है। पुल पर किसी सुरक्षाकर्मी की तैनाती भी नहीं की गई है। कांवड़ मेले में सुरक्षा की दृष्टि और पुल पर अधिक आवाजाही न करने के लिए पुल के दोनों ओर पुलिस तैनात की गई थी, लेकिन कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद पुल के दोनों ओर सुरक्षा की दृष्टि से कोई तैनात नहीं है। 

रविवार को लक्ष्मणझूला पुल पर किसी प्रकार की रोक-टोक न होने से बड़ी संख्या में पर्यटकों की पैदल आवाजाही बनी रही। लोक निर्माण विभाग ने बीते कुछ माह पूर्व लक्ष्मणझूला और रामझूला पुल का सर्वे किया था। इसकी रिपोर्ट विभाग ने शासन को सौंप दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक 90 साल पहले के डिजाइन और क्षमता के हिसाब से पुल वर्तमान समय में इस स्थिति में नहीं है कि इस पर बड़ी संख्या में लोग आवाजाही कर सकें। कांवड़ मेला शुरू होने से पहले शासन ने तुरंत कार्रवाई कर लक्ष्मणझूला पुल पर आवाजाही करने पर पूर्णतया रोक लगाने के आदेश दे दिए थे, जिसका स्थानीय लोगों ने भारी विरोध भी जताया। 

शासन के आदेशानुसार लक्ष्मणझूला पुल के दोनों ओर लोहे 15 जुलाई को की चादरें लगाकर इसे बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों की समस्याओं और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लोहे की चादरों के बीच पुल पर आवाजाही के लिए गेट बनाया गया है, जिससे सीमित संख्या और आवश्यकतानुसार पुल पर स्थानीय लोगों की आवाजाही जारी रखी जा सके। लोग इसी गेट से प्रवेश कर आवाजाही कर रहे हैं।

अगस्त को लक्ष्मणझूला पुल के निकट वैकल्पिक पुल बनाने के लिए स्थल चयन को लोक निर्माण विभाग स्थानीय लोगों के साथ सात बैठक होगी। इसमें पुल के स्थल चयन को लेकर चर्चा की जाएगी। नरेंद्रनगर विधायक प्रतिनिधि अमित भारद्वाज ने बताया कि बैठक में स्थानीय लोगों के सुझाव और समस्याओं को सुना जाएगा।

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