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नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों से पारित प्रस्तावों को शासन में दी जाएगी प्राथमिकता

शहरी विकास और आवास मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों से पारित प्रस्तावों को शासन में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निकाय और राज्य सरकार मिलकर नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। गुरुवार को नगर निगम में कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने नगर पालिका व पंचायत अध्यक्षों के साथ बैठक की। इस दौरान पालिका व पंचायत अध्यक्षों ने अपनी समस्याएं बताई। कहा गया कि बोर्ड द्वारा नई योजनाओं के भेजे गए प्रस्तावों को शासन से आर्थिक स्वीकृति नहीं मिल रही है। इसके स्थान पर मंत्री अथवा विधायकों के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा रही है, जबकि यह पैसा निकायों को दिया जाना चाहिए।

पालिका व पंचायत अध्यक्षों ने कहा कि परिषद व पालिकाओं को अवस्थापना विकास निधि से पैसा नहीं मिल रहा है। यह पैसा केवल निगमों को दिया जा रहा है। इस कारण सड़कें और नालियां नहीं बन पा रही हैं। कुछ ऐसी मद में पैसा दिया जा रहा है, जिसे खर्च करने में दिक्कतें आ रही हैं। स्थिति यह है कि अधिकांश निकाय पंचायतों के अपने कार्यालय नहीं हैं। नई पंचायतों में सीमांकन को लेकर दिक्कतें आ रही हैं। पालिका व पंचायत अध्यक्षों ने निकायों के ड्रेनेज सिस्टम को भी सुधारने पर जोर दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिक से अधिक व्यक्तियों को लाभ दिलाने का भी अनुरोध किया गया।

देवप्रयाग का लैंड रिकार्ड 1960 से गायब, होगा सर्वेबैठक में देवप्रयाग नगर पालिका के अध्यक्ष कृष्ण कांत कोटियाल ने बताया कि देवप्रयाग में लैंड रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। 1960 के बाद किसी ने भी इस लैंड रिकार्ड को खोजने का प्रयास नहीं किया। वह कई बार शासन से नए सर्वे की मांग कर चुके हैं लेकिन यह पूरी नहीं हो पाई है। इससे नुकसान यह हो रहा है कि गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मुहैया नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण यह पता न होना है कि सरकारी भूमि कहां पर है। इस समस्या को सुनने के बाद शहरी विकास मंत्री ने सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली को छह माह के भीतर क्षेत्र का सर्वे करने के निर्देश दे दिए।

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