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राज्य में पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे का मामला राजनीतिक रंग में रंग चुका; जाने पूरी खबर

राज्य में पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे का मामला राजनीतिक रंग में रंग चुका है। 14 हजार सिपाहियों समेत कुल 50 हजार पुलिस परिवार वोटरों को साधना इस बार किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं है। ये वोटर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।वर्ष 2001 के सिपाहियों का ग्रेड पे 4600 रुपये से घटाकर 2800 रुपये कर दिया गया था। इसका नुकसान वर्ष 2002, 2005 व 2006 के सिपाहियों को झेलना पड़ रहा है। ग्रेड पे की लड़ाई लंबे समय से जारी है। पुलिस कर्मी भले ही खुलकर सामने नहीं आए हैं लेकिन उनके स्वजन अधिकारियों व सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। पुलिस कर्मियों ने कांग्रेस व भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।

ऐसे में चुनाव में पुलिसकर्मियों व स्वजनों की नाराजगी देखने को मिल सकती है। हालांकि सीएम पुष्कर सिंह धामी पुलिस कर्मियों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा कर चुके हैं, मगर इससे पुलिस कर्मी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। 14 फरवरी को राज्य में चुनाव होना है, जिसमें पुलिस कर्मियों की नाराजगी राजनीतिक पार्टियों को महंगी पड़ सकती है। लालकुआं : डीआईजी नीलेश आनंद भरणे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पकज भट्ट ने जनपद की सीमा पर स्थित पुलिस चेक पोस्ट का औचक निरीक्षण करते हुए पुलिस द्वारा की जा रही व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को जनपद में प्रवेश करने वालों को आचार संहिता व कोविड नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए।

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