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पाक पीएम इमरान खान ने कश्मीर की खोई उम्मीद, कहा मोदी है तो नाममुकिन है..

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कश्मीर का अंतरराष्ट्रीयकरण करने और वहां आतंकवाद को बढ़ावा देने का सपना देखने वाले इमरान खान ने अब उम्मीद खो चुके है. इमरान का मानना है कि मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए यह नाममुकिन है. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान इमरान खान ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान कश्मीर समस्या का कोई समाधान नहीं होगा क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व वाले नरेंद्र मोदी सरकार हिटलर की विचारधारा का अनुसरण कर रही है.

इमरान खान ने कहा, ‘मैं इस भारतीय सरकार के साथ बहुत आशा नहीं रखता हूं लेकिन भविष्य में देखता हूं कि एक मजबूत भारतीय नेतृत्व भी इस समस्या [कश्मीर मुद्दे] को हल करना चाहेगा.’ इमरान खान ने कहा, ‘आजादी के आंदोलन के दौरान जवाहर लाल नेहरू द्वारा कश्मीरियों को आत्मनिर्णय के अधिकार का वादा किया गया था, लेकिन भारत उन्हें यह अधिकार नहीं दे रहा था क्योंकि यह पता था कि अगर यह दिया जाता है, तो वे पाकिस्तान को चुनते. कश्मीर एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र था. मुझे लगता है कि अगर भारत में एक मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व वाली सरकार होगी तो यह समस्या हल हो जाएगी. हर समस्या का हल होता है.’

दरअसल जब से भारत ने कश्मीर से आर्टिकल 370 समाप्त किया है तब से इमरान खान भड़के हुए हैं. उन्होंने अपने देश में इसे लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए और विश्व के कई देशों के सामने कश्मीर मामले को लेकर गुहार भी लगाई, लेकिन उन्हें हर जगह मुंह की खानी पड़ी. यहां तक उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में ‘खून की नदियों’ वाला भाषण भी दिया था लेकिन वहां भी उनकी एक ना चली.

वैश्विक मंच पर भी लगातार मिल रही नाकामयाबी के बाद मायूस इमरान को शायद अब इस बात का अंदाजा हो गया है कि मोदी सरकार के रहते हुए कश्मीर का अंतर्राष्ट्रीयकरण नहीं हो सकता है और इसीलिए उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है. कुछ दिन पहले पीएम मोदी की आलोचना करते हुए इमरान खान ने कहा, ‘मैं गारंटी दे सकता हूं कि कश्मीर अब आजाद होगा. पांच अगस्त से पहले दुनिया कश्मीर को भूल चुकी थी. यहां तक कि पाकिस्तानी नेता भी कश्मीर में बातें करना भूल गए थे लेकिन अब पूरी दुनिया कश्मीर के बारे में बातें कर रही है.’

वहीं अफगानिस्तान में शांति के बारे में बात करते हुए इमरान खान ने कहा पहली बार चीजें सही दिशा में बढ़ रही थीं. अमेरिकी शांति चाहता है और तालिबान के साथ करना चाहता है.

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