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प्रदेश में घर के बाहर ही नहीं, बल्कि घर में भी महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा

प्रदेश में घर के बाहर ही नहीं, बल्कि घर में भी महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। वर्ष 2020 और 2021 के मुकाबले 2022 में दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न समेत महिलाओं के साथ घटित अन्य अपराधों में हुई बढ़ोतरी इसकी गवाही दे रही है। यह हकीकत पुलिस विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में सामने आई है।इन आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि वर्ष 2020 में एक जनवरी से 31 मार्च तक प्रदेशभर में 119 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। इसी समयावधि में 2021 में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़कर 162 हो गईं और 2022 में तीन माह में ऐसी 200 घटनाएं सामने आ चुकी हैं।इसी तरह दहेज उत्पीड़न के मामले भी बढ़े हैं। 2020 में शुरुआती तीन महीनों में विभिन्न थानों में दहेज उत्पीड़न के 201 मामले दर्ज हुए तो 2021 में 266 और 2022 में 267। महिला अपहरण के मामले भी पिछले वर्षों के मुकाबले बढ़े हैं।

वर्ष 2020 में एक जनवरी से 31 मार्च तक महिला अपहरण के 61 तो इसी समयावधि में 2021 में 94 और इस साल 97 मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2020 और 2021 में एसिड अटैक का कोई मामला दर्ज नहीं था, जबकि इस वर्ष एक मामला सामने आया है।महिला उत्पीड़न के मामलों में ऊधमसिंह नगर सबसे ऊपर है। यहां 2022 में दुष्कर्म के सबसे अधिक 56 मामले सामने आए। इसके बाद हरिद्वार में दुष्कर्म के आरोप में 51 और देहरादून में 42 मुकदमे दर्ज हुए।  अपहरण के मामले में हरिद्वार सबसे ऊपर है।यहां 2022 में अपहरण के 35, देहरादून में 30 और ऊधमसिंह नगर में 16 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। दहेज उत्पीड़न के सर्वाधिक मामले देहरादून जिले में हैं। यहां 2022 में अब तक 119, हरिद्वार में 53 और ऊधमसिंह नगर में 61 मामले दहेज उत्पीडऩ के सामने आए हैं।

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