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विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्ष ने सड़क से लेकर सदन तक हंगामा किया

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्ष ने सड़क से लेकर सदन तक हंगामा किया। कांग्रेस विधायक सुबह साइकिलों से विधानसभा पहुंचे और उन्होंने पेट्रोल- डीजल व रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि इसके चलते दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके बाद विपक्ष ने सदन में सरकार पर आरोप लगाया कि उसे महंगाई की मार से त्रस्त आमजन कोई चिंता नहीं है। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि उत्तराखंड में अन्य राज्यों की तुलना में पेट्रोल-डीजल व खाद्य पदार्थों के दाम कम हैं। सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और महंगाई पर लगाम कसने को पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सभी काम रोककर महंगाई के मसले पर चर्चा की मांग की। पीठ ने इसे कार्यस्थगन की ग्राह्यता पर सुनने की व्यवस्था दी। भोजनावकाश के बाद इस मसले पर अपनी बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई को रोकने में सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान वायदा किया गया था कि डबल इंजन की सरकार महंगाई कम करेगी, लेकिन आज यह आसमान छू रही है।

पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के साथ ही जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। ऐसे में आमजन का जीना मुहाल हो गया है।स्थिति ये हो चली है कि बढ़ती महंगाई से रेलवे स्टेशन के पास पकोड़ा तलने वाले व्यक्ति तक से उसका रोजगार छिन गया है।उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है। उसे अपने राजस्व की तो चिंता है, लेकिन आमजन की नहीं। यह उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा, विधायक काजी निजामुद्दीन, ममता राकेश, आदेश चौहान व राजकुमार ने भी महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा।सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष को कांग्रेस शासित राज्यों की स्थिति नजर नहीं आ रही, जहां पेट्रोल-डीजल व खाद्य पदार्थों के दाम उत्तराखंड से कहीं अधिक है। इस कड़ी में उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल समेत खाद्य वस्तुओं की कीमतों का ब्योरा भी रखा। उन्होंने कहा कि बिजली की दरें भी अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में काफी कम हैं।

भगत ने विपक्ष के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया कि आक्सीजन सिलिंडर पर साढ़े 12 फीसद जीएसटी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पांच फीसद है। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से सभी वर्गों को खाद्यान्न रियायती दर पर मुहैया कराया जा रहा है। खेती के लिए यूरिया आदि की कहीं कोई कमी नहीं है। सरकार का जवाब आने के बाद पीठ ने कार्यस्थगन की सूचना को अग्राह्य कर दिया।बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने हरिद्वार रोड स्थित दया पैलेस से लेकर विधानसभा तक साइकिल रैली निकाली। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा, विधायक काजी निजामुद्दीन, मनोज रावत, आदेश चौहान, फुरकान अहमद भी इस दौरान साइकिलों पर सवार थे। साइकिल रैली के रिस्पना पुल के पास पहुंचने पर पुलिस ने उसे बैरिकेडिंग पर रोक लिया। इसे लेकर कांग्रेस विधायकों की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। हालांकि, हंगामे के बाद विधायकों को साइकिलों पर सवार होकर जाने दिया गया, लेकिन पुलिस ने विधानसभा के नजदीक स्थित बैरिकेडिंग पर फिर उन्हें रोक लिया। यहां भी नोकझोंक के बाद उन्हें जाने दिया गया और फिर कांग्रेस विधायकों ने साइकिलों पर सवार हो विधानसभा परिसर में प्रवेश किया।

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