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अब रक्षा उपकरणों का भी हब बनेगा उत्तराखंड

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खबर पूरे प्रदेश के वासिंदों को गौरान्वित करने वाली है। खबर यह है कि सैन्य बहुल प्रदेश उत्तराखंड अब रक्षा उपकरणों का भी हब बनने जा रहा है। बड़ी बात यह है कि बाहरी देशों से मंगाए जाने वाले रक्षा उपकरण अब यहां बनेंगे। इसके लिए सीएम त्रिवेंद्र ने सैन्य अधिकारियों से वार्ता कर नीति से लेकर अन्य तैयारियों को अंतिम रूप भी दे दिया है। जाहिर तौर पर देवभूमि के एक फौजी (स्व प्रताप सिंह रावत) पिता ने तो द्वितीय विश्वयुद्ध से लेकर जान पर खेलते हुए सीमाओं की रक्षा की। तो उस फौजी के बेटे (मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत) ने सूबे के कंधे पर डिफेंस हब मैडल सजा दिया। सैन्य बहुल उत्तराखंड प्रदेश के लिए यह गौरान्वित करने वाली उपलल्धि निश्चित रूप से है।

बता दें कि उत्तराखंड सरकार भारतीय सेना की रक्षा तैयारियों और राज्य को सैन्य उपकरणों का हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यहां औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) देहरादून में इस संस्थान के लिए भूमि तलाशी जा रही है। सैन्य गतिविधियों व सैन्य अवस्थापना के विकास पर भी अब यहां कार्य होगा। सूबे के सीमांत जनपद चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में वायुसेना एयर डिफेंस राडार व एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए भूमि तलाशी जा रही है। खबर है कि इस डिफंेस हब से जुड़े मसलों को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व एअर मार्शल के बीच वार्ता फाइनल हो चुकी है।

निर्माणदायी संस्थाओं ने भी अपनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। सैन्य उपकरणों के उत्पादन को लेकर प्रदेश सरकार ने खासी उत्सुकता दिखाई है। इसके लिए डिफेंस उद्यम पॉलिसी को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। यानी मामला फाइनल है। इन प्रयासों से अब देश जिन रक्षा उपकरणों को बाहर देशों से खरीदता है उनका निर्माण देवभूमि उत्तराखंड में होगा। सीएम त्रिवेंद्र कहते हैं कि देहरादून को डिफेंस हब बनाने के लिए सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। नीति बना दी गई है। कोरोना के कारण कुछ दिक्कतें आई हैं लेकिन सरकार की यह सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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