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साढ़े तीन के कार्यकाल में प्रदेश में एक भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं आया : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास को प्राथमिकता देते हुए अपना कार्य कर रही है। साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने अपनी साफ सुथरी छवि बनाई है, इसी का परिणाम है कि इस अवधि में कोई भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं आया। कोविड के दौरान भी प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को रूकने नहीं दिया। कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक जनपद में आईसीयू तथा ऑक्सीजन बैड की उपलब्धता सुनिश्चित करायी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय में 2400 डॉक्टर कार्यरत है तथा 720 डॉक्टर तथा नर्सेज की भर्ती की जा रही है।

उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। इस योजना के अन्तर्गत देश के 22 हजार अस्पतालों में 05 लाख रूपये की राशि तक की चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कक्षायें शुरू हो जायेंगी तथा पिथौरागढ़, हरिद्वार व रूद्रपुर में मेडिकल कालेजों की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला प्रदेश है जहां 500 स्कूलों में ऑनलाइन कक्षायें शुरू करायी गयी है तथा पूरे प्रदेश में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गयी है। ट्रांसफर एक्ट लाया गया है जिससे कार्यों में पारदर्शिता आयी है। प्रदेश सरकार बेटी बचाओं-बेटी पढाओं योजना पर बेहतरीन कार्य कर रही है।

सरकार मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्चता दे रही है जिसके कारण हर गॉव को सड़क व बिजली सुविधा से जोड़ा गया है। जिसके लिए उत्तराखण्ड को अनेक अवार्ड भी मिल चुके है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हाथ खोले गये है जिससे वह स्वतंत्र होकर वह अपना उत्पाद कहीं भी बेच सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र की स्थापना की गयी है जो पूरा स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।

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