उत्तराखंड में अफसरशाही के रवैये से मंत्री और विधायक भी परेशान

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत अफसरशाही को सख्त हिदायत दे चुके हैं कि उन्हें जनप्रतिनिधियों के सम्मान का ख्याल रखना होगा। लेकिन वाबजूद इसके बीजेपी के ये मंत्री, विधायक अफसरशाही के रवैये से खासे आहत हैं। मामला उधमसिंहनगर जनपद से हैं। जिले की बात करें तो कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के साथ ही विधायक राजेश शुक्ला, राजकुमार ठुकराल और जसपुर विधायक आदेश चैहान अफसरों के रवैये को लेकर सार्वजनिक रुप से नाराजगी जता चुके हैं। हाल ही में अफसरशाही के खिलाफ शिक्षा मंत्री की कड़ी नाराजगी वाला वीडियो सोशल मीडिया के जरिए सामने आया था। जिसमें उन्होंने केन्द्र तक शिकायत की बात कही थी।

वहीं आजकल फिर जिले की किच्छा विधानसभा से विधायक राजेश शुक्ला को अफसरों के रवैये को लेकर धरने पर बैठना पड़ा। एक मरीज की मौत के बाद गुस्साए शुक्ला गुस्से में सीएमओ से यहां तक कह गए कि मैं शर्मिंदा हूं कि सिस्टम फेल है। विधायक बोले कि मुझे अफसोस है कि मैं डॉक्टर नहीं बन पाया। विधायक को चपरासी समझ रखा है क्या आपने। दिमाग खराब हो गए हैं। गरीब मर गया तो मर गया। अमूमन शांत रहने वाले विधायक के तेवर देख अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे। इससे पहले एक जुलाई को पंतनगर विवि में ठेका श्रमिकों को नौकरी से हटाने के विरोध में विधायक शुक्ला धरने पर बैठ गए थे।