महानायक अमिताभ बच्चन ने आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए ब्लॉग और सोशल मीडिया के जरिये अपनी भावनाएं व्यक्त की

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11 जुलाई को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से 77 साल के अभिनेता और उनके बेटे अभिषेक बच्चन नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल मे भर्ती होने के बाद महानायक अमिताभ बच्चन ने कोविड मरीजों को लेकर शनिवार को अपने ब्लॉग में लिखा, “कोरोना संक्रमण के कारण आइसोलेशन रखे जाने का असर मरीजों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। अस्पताल में आइसालेशन में रखे गए कोविड पीड़ित मरीजों की मानसिक स्थिति इसी से समझी जा सकती है कि उन्हें कई सप्ताह से कोई इंसान देखने को नहीं मिला। नर्स और डॉक्टर भी उनको हमेशा पीपीई (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) किट में दिखते हैं। हमेशा सुरक्षा उपकरणों में ढके होने की वजह से कभी पता नहीं चलता कि वे कौन हैं, उनकी बनावट और हाव-भाव कैसे है, सब सफेदपोश होते हैं। उनकी मौजूदगी करीब रोबोट जैसी होती है। उन्हें जो आदेश मिलता है वह करते हैं और चले जाते हैं, क्योंकि ज्यादा समय वहां पर ठहरने से संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। जिन डॉक्टर की निगरानी में मरीज का इलाज चल रहा है वे भी आपके नजदीक कभी सांत्वना देने नहीं आते हैं।”

अमिताभ बच्चन साहब कहते है कि, “अस्पताल से बाहर आने के बाद भी कोरोना विजेता डरे हुए रहते हैं। वे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से खौफ खाते हैं। उन्हें डर लगता है कि लोग उनके साथ अलग तरह का बर्ताव करेंगे। इस तरह से पेश आएंगे, जैसे आप वह बीमारी साथ लेकर चल रहे हैं। इसे परियाह सिंड्रोम (छुआछूत का डर) कहते हैं। बीमारी की वजह से लोग अवसाद और अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं।”