onwin giris
Home उत्तराखंड राजनीति

उत्तराखंड में भू-कानून और देवस्थानम बोर्ड को लेकर कांग्रेस आर-पार की लड़ाई के मूड में; जाने पूरी खबर

उत्तराखंड में भू-कानून और देवस्थानम बोर्ड को लेकर कांग्रेस आर-पार की लड़ाई के मूड में है। सरकार को घेरने के लिए प्रमुख विपक्षी दल मानसून सत्र में इन दोनों मुद्दों पर असरकारी विधेयक ला रहा है। गुरुवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में कांग्रेस ने इस संबंध में अपना रुख साफ कर दिया। विधानसभा प्रेमचंद अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को विधानमंडल दल के नेताओं और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई।कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष ने दो असरकारी विधेयक लाने की मंशा जाहिर कर दी। पार्टी दो असरकारी विधेयक उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक 2021 और उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन (निरसन) विधेयक, 2021 सदन के पटल पर रखेगी। एक दिन बढ़ी सदन की अवधिबैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश के विकास के लिए सतत विकास लक्ष्य पर सत्र के दौरान एक दिन चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा।इस चर्चा के लिए सदन की अवधि एक दिन आगे बढ़ाकर 28 अगस्त तय की गई है। 19 विधायकों ने लगाए 784 प्रश्नविधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 19 विधायकों के 784 प्रश्न प्रश्न विधानसभा को मिल चुके हैं। सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखने के लिए अभी तक दो विधेयक आइएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक और डीआइटी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक विधानसभा को मिल चुके हैं।

विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन 23 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष रहीं इंदिरा हृदयेश व गंगोत्री विधायक गोपाल रावत समेत दिवंगत पूर्व विधायकों अमरीष कुमार, पूर्व शिक्षा मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी व पूर्व विधायक बची सिंह रावत को सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी। विधानसभा के अगले कार्य दिवसों के संचालन को 23 अगस्त को कार्यमंत्रणा समिति की दोबारा बैठक होगी। कोविड प्रोटोकाल का होगा पालन दलीय नेताओं की बैठक में विपक्ष ने भी सदन को सुचारू चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया।इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश हित व जन हित में सदन से गंभीर चिंतन व मनन की अपेक्षा आम जनमानस करता है। इस दिशा में विपक्ष व सत्तापक्ष को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सभी सदस्यों को कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही में भाग लेना है। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, विधायक खजान दास, उप नेता प्रतिपक्ष करन माहरा, विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल, विधायी सचिव हीरा सिंह बोनाल, अनुसचिव नरेंद्र रावत समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सत्र के दौरान राज्य हित के विषयों पर विपक्ष के सवालों का सरकार सकारात्मक रूप से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि सत्र में आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श होना चाहिए। विधानसभा में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। इसमें विपक्ष का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य हित से जुड़े मद्दों पर मनोयोग से जवाब देगी।विधानसभा सत्र के दौरान मीडिया से संबंधित व्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के साथ सूचना विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। तय किया गया कि कोविड प्रोटोकाल के तहत प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया को सीमित संख्या में पास जारी किया जाएगा। विधानसभा की कार्यवाही की जानकारी देने को चिह्नित स्थान पर वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था होगी। वहां सजीव प्रसारण की सुविधा दी जाएगी। सत्र की वेबकास्टिंग भी की जाएगी। इंटरनेट व तकनीकी प्रबंध की व्यवस्था सूचना व प्रौद्योगिकी विभाग करेगा। विधानसभा में प्रवेश के लिए डबल डोज वैक्सीन का प्रमाण होना आवश्यक है। प्रमाण पत्र न होने पर आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य होगा। बैठक में सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, अपर निदेशक डा अनिल चंदोला, संयुक्त निदेशक केएस चौहान व उप निदेशक मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे।

 

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.