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प्रदेश सरकार अब श्रम एवं सेवा योजन विभाग को आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाने की तैयारी में

प्रदेश सरकार अब श्रम एवं सेवा योजन विभाग को आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द शासन को भेजा जाएगा। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा इस सिलसिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात भी कर चुके हैं।प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा रहा। सभी राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में इस मुद्दे को शामिल किया। इस समय प्रदेश में बेरोजगारी दूर करने के लिए स्वरोजगार की कई योजनाएं चलाई गई हैं। इसके बावजूद प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हर साल हजारों युवा इंटर व स्नातक की परीक्षा पास कर रोजगार की तलाश में निकल रहे हैं।

श्रम एवं सेवायोजन कार्यालयों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2017-18 में प्रदेश में 8.91 लाख बेरोजगार पंजीकृत थे। वर्ष 2018-19 में यह संख्या कम होकर 8.29 लाख तक आई और वर्ष 2019-20 में यह 7.78 लाख तक पहुंच गई। इसके बाद कोरोना के कारण वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा बढ़कर 8.07 पहुंचा और फिर वर्ष 2021-22 में अभी तक यह संख्या 8.42 लाख पहुंच गई है।कोरोना काल के दौरान प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) को सभी के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी के रूप में नामित किया था। कोराना संक्रमण की लहर कम होने के बाद यह व्यवस्था कर दी गई कि उपनल के जरिये केवल पूर्व सैनिक और उनके स्वजन को ही रोजगार दिया जाएगा। कहा गया कि इसके इतर होमगार्ड व पीआरडी के जरिये विभागों को सेवाएं दी गई हैं।

इससे सैनिक पृष्ठभूमि के अलावा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई एजेंसी नहीं बची। दरअसल, होमगार्ड व पीआरडी के जरिये केवल चतुर्थ श्रेणी के पदों पर ही युवाओं को सेवायोजित किया जा सकता है। वहीं, प्रदेश में कई विभाग कंप्यूटर आपरेटर से लेकर संविदा कार्यों में तकनीकी विशेषज्ञों को भी रखते हैं। इन्हें सेवायोजित किस एजेंसी के जरिये किया जाए, यह एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया था।मंत्रालय संभालने के बाद श्रम एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा के सामने यह मसला आया तो उन्होंने विभागीय अधिकारियों के जरिये सेवायोजन विभाग को आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाने पर चर्चा की। सौरभ बहुगुणा का कहना है कि पहले भी श्रम एवं सेवायोजन के जरिये युवाओं को विभिन्न विभागों में सेवायोजित किया जाता था। उपनल के आने के बाद व्यवस्था थोड़ी बदली थी। उन्होंने कहा कि वह इस विषय को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष भी उठा चुके हैं। जल्द इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

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