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त्रिवेणी घाट पर भजन गायक कैलाश खेर ने किया लोगो को मंत्र मुक्त

त्रिवेणी घाट पर प्रसिद्ध भजन गायक कैलाश खेर का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने ‘दूर उस आकाश की गहराईयों में, एक नदी से बह रहे हैं आदि योगी’ भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। जैसे-जैसे उनकी भजन संध्या आगे बढ़ती रही लोग शिव और गंगा की भक्ति में डूबते नजर आए। 

उन्होंने ‘कौन है वह कहां से आया’, ‘जाना जोगी दे नाल’, ‘रंग दीनी ओढ़नी, ‘हे री सखी, तेरी दीवानी’, ‘सैया हीरे मोती’ आदि भजनों की प्रस्तुति दी। कैलाश खेर की संगीत साधना में शुरू से ही सहयात्री रहे नरेश कामत परेश कामत के मार्गदर्शन में कैलाशा बैंड के साथियों ने कार्यक्रम में शानदार जुगलबंदी की। 

कैलाश खेर ने कहा कि मैं यही जन्म लिया हूं, यही पला बढ़ा हूं। आज पूरे विश्व में जितना भी नाम रोशन कर रहा हूं, वह सब इसी धरती का आशीर्वाद है। मेरा जो कुछ भी है वह सब कुछ मा गंगा की ही देन है। उन्होंने कहा कि हम मानवता को कैसे बचाएं इसके लिए आज कैलाश लाईव कंसेंट हो रहा है। परमात्मा की गोदी में आदि योगी को जगाने मैं यहां आया हूं।

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