Home उत्तराखंड राजनीति

2020 को रोजगार वर्ष के तौर पर मनाने की अधूरी मंशा को; वित्तीय वर्ष 2021-22 में धरातल पर उतारा

Share and Enjoy !

कोरोना महामारी की वजह से 2020 को रोजगार वर्ष के तौर पर मनाने की अधूरी मंशा को नए वित्तीय वर्ष 2021-22 में धरातल पर उतारा जाएगा। सरकारी महकमों में रिक्त छह हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के बाद नए वित्तीय वर्ष में सैकड़ों पदों पर भर्ती खोलने की तैयारी है। प्रदेश में 21 लाख से ज्यादा युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए बजट पोटली में नई योजनाओं को खोलने की तैयारी है। खासतौर पर वीरचंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार के साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के दायरे को विस्तार दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह बजट सत्र उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण होगा।

चुनावी वर्ष के लिहाज से अहम माने जा रहे नए बजट में युवाओं की प्रदेश के कुल मतदाताओं में हिस्सेदारी तकरीबन 28 फीसद है। कोरोना महामारी की वजह से वित्तीय वर्ष 2020-21 रोजगार के लिहाज से बुरा गुजरा है। इसे रोजगार वर्ष का रूप देने की सरकार की कोशिशें धरी रह गईं। हालांकि वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही के बाद रोजगार के नजरिये से सरकार ने कई कदम उठाए।

Share and Enjoy !

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.