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चारधाम यात्रा व पर्यटन सीजन शुरू होने को दुर्घटना संभावित स्थलों को दुरुस्त करने के निर्देश

चारधाम यात्रा व पर्यटन सीजन शुरू होने को है। इसे देखते हुए राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति ने जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों को अपने जिले के सभी मार्गों का सर्वे कर दुर्घटना संभावित स्थलों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए है। इस कड़ी में टिहरी और रुद्रप्रयाग ने अपनी रिपोर्ट राज्य स्तरीय सड़क समिति को भेज दी है। इस रिपोर्ट में टिहरी में तकरीबन 450 स्थानों को दुरुस्त करने की जरूरत बताई गई है, जबकि रुद्रप्रयाग में ऐसे स्थलों की संख्या 73 है।

प्रदेश में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। दुर्घटना के कारणों की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि तेज रफ्तार और खराब सड़कों की वजह से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। सड़कों पर जगह-जगह ब्लैक स्पॉट और डेंजर जोन भी हैं। परिवहन विभाग ने वर्ष 2019 में अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सड़कों का सर्वे किया था। इसमें प्रदेश में 1700 से अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र चिहिनत किए गए। इनमें से कुछ ठीक किए गए। प्रदेश में इस समय चारधाम यात्रा मार्ग समेत कई नए निर्माण कार्य हो रहे हैं। इससे नए डेंजर जोन भी बन रहे हैं।

इसे देखते हुए कुछ समय पहले राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति ने हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित सड़क सुरक्षा समिति को संबंधित विभाग के साथ इन मार्गों का सर्वे कर इन्हें यात्रा व पर्यटन सीजन से पहले दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। परिवहन मुख्यालय को इनमें से दो जिलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट पर नजर डालें तो टिहरी जिले के तकरीबन 16 मार्गों पर 450 नए डेंजर जोन बने हैं।

इनमें पैराफिट, तेज मोड़, खराब सड़क अथवा सड़कों में गड्ढे आदि शामिल हैं, जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। रुद्रप्रयाग जिले में मुख्य रूप से 10 मार्गों का सर्वे किया गया। इनमें 73 स्थानों पर डेंजर जोन बने हैं। इनमें भी अधिकांश में पैराफिट व साइन बोर्ड लगाने की जरूरत बताई गई है। इसके अलावा दोनों ही जिलों में चारधाम आल वेदर रोड का काम होने के कारण मार्ग खराब हैं। अभी मुख्यालय शेष जिलों से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहा है।

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