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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धामी सरकार पर बोला तीखा हमला

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत ने पुष्कर सिंह धामी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर से महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अवैध खनन को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस की सरकार बनने पर 200 से 300 दिन के बीच लोकायुक्त लाया जाएगा।प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 2022 में कांग्रेस की सरकार बनने पर लोकायुक्त की स्थापना को एक माह में प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। पिछली कांग्रेस सरकार में शुरू की गई लोकायुक्त की प्रक्रिया को पुनर्जीवित किया जाएगा। पुरानी प्रक्रिया में दिक्कत आई तो तुरंत नए सिरे से प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। पंचायती लोकायुक्त भी लाया जाएगा। इसमें पंचायत में धन के उपयोग में तेजी लाने के साथ ही निर्वाचित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को सुरक्षा भी दी जाएगी।उन्होंने कहा कि राज्य में अंधाधुंध तरीके से खनन किया जा रहा है। कांग्रेस की सरकार बनने पर एसआइटी के साथ न्यायिक जांच कराई जाएगी। साथ ही भविष्य में खनन को लेकर विधानसभा के माध्यम से नीति पत्र लाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार रोजगारमूलक होगी।

सरकारी विभागों में रिक्त पदों को तुरंत भरा जाएगा। साथ ही हर वर्ष 10 प्रतिशत नए पद सृजित किए जाएंगे। बेरोजगारों को प्रतिमाह 5000 रुपये भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ या इससे ज्यादा की परियोजनाओं के लिए कैबिनेट के माध्यम से चेक प्वाइंट की व्यवस्था होगी। इसके अंतर्गत वित्तीय प्रस्ताव का मूल्यांकन इस तरह किया जाएगा, ताकि परियोजना से सृजित होने वाले रोजगार का ब्योरा मिल सके।उन्होंने कहा कि रोजगार और सुशासन एक-दूसरे के पर्याय हैं। इन दोनों बिंदुओं पर आगे बढऩे के लिए आर्थिक स्थिति अच्छी होनी चाहिए। भाजपा सरकार इन तीनों बिंदुओं पर फेल रही है। सुशासन के मोर्चे पर विफल रहने का परिणाम तीन मुख्यमंत्री बदलने के रूप में सामने आ चुका है। भाजपा की ओर से सात लाख को रोजगार देने और इस मामले में कांग्रेस को निशाने पर लेने की कोशिशों पर उन्होंने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह रोजगार के आंकड़ों और इसे लेकर भविष्य के रोडमैप को लेकर भाजपा से बहस को तैयार हैं।उन्होंने कहा कि आर्थिक नीतियों की विफलता के कारण अर्थव्यवस्था लड़खड़ा चुकी है। राज्य में राजस्व वृद्धि 18 वर्षों में सबसे कम है। 2016 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह 19.5 प्रतिशत थी। अब यह घटकर छह प्रतिशत पर सिमट गई है। हरीश रावत ने कहा कि राज्य की वित्त व्यवस्था बाजार से उधारी पर चल रही है। यह जानकारी भी मिली है कि सरकार को कुछ विभागों की प्रतिभूतियों का पैसा उपयोग में लाना पड़ा है। सरकार को राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में महंगाई केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का परिणाम है। केंद्र में सरकार बदलने तक महंगाई से राहत नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि गृहणियों पर रसोई का बोझ घटाने को कांग्रेस की सरकार हर माह उन्हें 200 रुपये की सहायता देगी।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की महिलाओं को एक हजार रुपये देने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि केजरीवाल को पहले दिल्ली में इसे लागू करना चाहिए। जिन माडल स्कूलों का दावा दिल्ली सरकार कर रही है, वहां परिसरों में आवारा पशु घूमते दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने दिल्लीवासियों को बिजली कटौती झेलने के लिए विवश कर दिया है।

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