onwin giris
Home उत्तराखंड राजनीति

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि मंगलवार को कांग्रेस वहां सांकेतिक पदयात्रा कर एनडी को याद करेगी

स्वतंत्रता सेनानी से लेकर देश की सियासत में अपने दम पर मुकाम खड़ा करने वाले पंडित नारायण दत्त तिवारी को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की राजनीति में वट वृक्ष कहा जाता था। उनके सान्निध्य में जो आया वो आगे बढ़ता गया। हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक कई उदाहरण हैं, मगर अंतिम दौर में इनमें से कई ने उनका साथ नहीं दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि स्व. तिवारी सर्वमान्य नेता थे। अब चुनावी साल में वह सर्वप्रिय भी हो चुके हैं। यही वजह है कि कांग्रेस के अलावा भाजपा भी उन्हें भुनाने में जुटी है।’खुट-खुटानी सुट विनायक। युवावस्था में एनडी के दिए इस नारे से प्रेरित होकर युवाओं व स्थानीय लोगों ने दस किमी से अधिक सड़क को श्रमदान से बना दिया था। सोमवार को आयोजित सम्मान समारोह के दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि मंगलवार को कांग्रेस वहां सांकेतिक पदयात्रा कर एनडी को याद करेगी। इसके बाद पदमपुरी स्थित उनके पैतृक गांव के पास आश्रम में भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा। ग्रामीणों को सम्मानित भी किया जाएगा। वहीं, तिवारी के कद को देखते हुए भाजपा भी विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य के प्रति उनके योगदान को याद कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र का नाम उनके नाम पर करने की घोषणा कर चुके हैं।

भाजपा पर हमला बोलते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि पांच परिवर्तन यात्रा और होनी हैं। इसके बाद दून में महा परिवर्तन रैली होगी। इस कार्यक्रम के बाद साठ पार का दावा करने वाले तड़ीपार हो जाएंगे। स्वराज आश्रम में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से कहा कि वोट कटवों से सावधान रहकर जनता के मुद्दों पर सीधा लड़ो।घर वापसी करने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने स्वराज आश्रम में कहा कि 20 अक्टूबर को रामलीला मैदान में जीत का बिगुल फूंका जाएगा। रैली नहीं बल्कि रेला होगा। यशपाल की तारीफ करते हुए हरदा ने उन्हें शुभंकर बताया। कहा कि इनके आने कांग्रेस में जोश आ गया।आल इंडिया केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दिल्ली के पूर्व विधायक तरविंदर सिंह मारवाह व राष्ट्रीय महासचिव आशीष अरोरा ने सर्किट हाउस में पूर्व सीएम हरीश रावत से मुलाकात कर कहा कि तराई में चल रहे किसान आंदोलन समेत अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा की। मारवाह ने बताया कि तराई के गांवों में नुक्कड़ सभा व अन्य आयोजनों के जरिये लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोग भी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।

 

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.